बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर जोरदार हमला बोला है. देश से बाहर रहते हुए हसीना ने यूनुस को 'देशद्रोही', 'सत्ता का भूखा' और 'फासीवादी' करार दिया. उन्होंने जनता से मौजूदा सरकार के खिलाफ पूरे देश में आंदोलन शुरू करने की अपील की है.
शेख हसीना ने वर्चुअली भारत से मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बांग्लादेश इस समय बेहद खतरनाक दौर से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि जिस देश को उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान ने आजादी दिलाई थी, वही आज अराजकता और अस्थिरता का शिकार हो गया है. हसीना ने आरोप लगाया कि देश पर बाहरी ताकतों और कट्टरपंथी समूहों का असर बढ़ गया है.
#BREAKING: Exiled Bangladesh PM Sheikh Hasina delivers speech via audio at “Save Democracy in Bangladesh” event in New Delhi. Hasina calls Muhammad Yunus “Murderous Fascist”. She accused Yunus of running an “illegal, violent” regime and plunging the country into age of terror,… pic.twitter.com/atk1DcCzes
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 23, 2026Also Read
हसीना ने दावा किया कि अगस्त 2024 में उन्हें साजिश के तहत सत्ता से हटाया गया. उनका कहना है कि यह सब मोहम्मद यूनुस और उनके समर्थकों की योजना का हिस्सा था. हसीना ने कहा कि उनके हटने के बाद से लोकतंत्र खत्म हो गया है और संविधान को कमजोर किया गया है.
बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होने हैं, लेकिन हालात सामान्य नहीं हैं. चुनाव आयोग ने पहले ही शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था. इसके साथ ही पार्टी की सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगी हुई है. हसीना ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया.
शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग अब भी देश की सबसे पुरानी और मजबूत राजनीतिक ताकत है. उन्होंने बांग्लादेश की जनता से संविधान और देश की संप्रभुता बचाने के लिए एकजुट होने को कहा. हसीना ने लोगों से 'मुक्ति संग्राम की भावना' के साथ आंदोलन करने की अपील की.
नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार ने अभी तक शेख हसीना के आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. फिलहाल हसीना भारत में रह रही हैं और बांग्लादेश की राजनीति में उनका यह बयान नए टकराव के संकेत दे रहा है.