यमन में ईरान समर्थित हूती बलों और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर पश्चिम एशिया की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इसी बीच पाकिस्तान से सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर एक अहम मांग सामने आई है. पाकिस्तानी सीनेटर अब्दुल करीम ने सऊदी अरब की मदद के लिए सैन्य सहायता भेजने की मांग की है.
सीनेटर ने पवित्र स्थलों की सुरक्षा को बेहद संवेदनशील मुद्दा बताते हुए बड़ी संख्या में युवाओं को सऊदी अरब भेजने की बात कही. उन्होंने करीब एक लाख युवाओं को सुरक्षा के लिए भेजने की चेतावनी दी. उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय घटनाक्रम को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. यमन में जारी संघर्ष का असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है.
हूती हमलों के कारण सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है. साथ ही, पश्चिम एशिया में किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ने की आशंका रहती है. इस मुद्दे को और भी बेहतर तरीके से समझने के लिए आप इंडिया डेली के इस खास वीडियो को देख सकते हैं.