नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कई बार युद्ध शांत करना का क्रेडिट लेते देखा गया है. उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम करवाने का भी दावा किया था. हालांकि सच्चाई से परे नजर आ रही है. ट्रंप के एक साल के कार्यकाल में अमेरिका की ओर से सात देशों पर हमले हो चुके हैं
डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया के सामने अपना शांतिदूत की छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट के डेटा के मुताबिक 20 जनवरी 2025 से लेकर अभी तक अमेरिका ने कुल 7 देशों पर 622 बम पटके हैं. जिसमें सबसे आखिरी धमाका वेनेजुएला में शनिवार को किया.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान ईरान पर कई बम पटके. इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद अमेरिकी सेना की ओर से ईरान के कई परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया. हालांकि 22 जून 2025 को दोनों के बीच सीजफायर का ऐलान किया गया. इस हमले में इजरायल और ईरान दोनों के नागरिक मारे गए थे.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा था कि आईएसआईएस का एक नेता मारा गया. इस दौरान भी अमेरिका ने इराक पर कहर बरपाए थे.
हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिकी सेना ने कई हमलों को अंजाम दिया. लाल सागर में हूती विद्रोहियों द्वारा अमेरिकी और इजरायली जहाजों को निशाना बनाया जा रहा था, जिसके जवाब में ट्रंप सरकार ने उनके संसाधनों पर बम बरसाए थे.
अमेरिका अपने सैनिकों की सुरक्षा को लेकर काफी सख्त है. ऐसे में जब सीरिया के पल्मायरा में दो अमेरिकी सैनिकों की हत्या कर दी गई थी तो अमेरिका सेना ने यहां भी बम बरसाए. कहा जा रहा था कि दोनों सैनिको की हत्या आईएसआईएस ने की. जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने आईएसआईएस से जुड़े 70 ठिकानों को निशाना बनाया था.
अमेरिकी सैनिक ही सोमालिया की सेना को ट्रेनिंग देते हैं. इसके बाद अमेरिका ने सोमालिया पर अबतक 111 हमले किए. यह सारे हमले अमेरिकी सेना ने अल-शबाब और आईएसआईएस के खिलाफ बताया गया है.
नाइजीरिया पर ईसाइयों को खत्म करने का आरोप लगा. जिसके बाद अमेरिका ने यह खुलेआम धमकी दी अगर सरकार कोई एक्शन नहीं लेती है तो फिर खुलेआम हमले किए जाएंगे. हालांकि तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने हमला कर दिया और उस हमले में दावा किया गया कि अमेरिकी सेना ने आईएसआईएस के कई आतंकियों को मार गिराया.
वेनेजुएला अमेरिका का अभी लेटेस्ट शिकार है. अमेरिका ने कई बार चेतावनी देने के बाद शनिवार को वेनेजुएला पर बम बरसाकर वहां के राष्ट्रपति को ही गिरफ्तार कर लिया. इसके अलावा एयरपोर्ट और कई सैन्य ठिकाने नष्ट कर दिए गए. इससे पहले तेल टैंकरों और नावों पर भी हमले किए गए थे.