गुवाहाटी: असम के प्रसिद्ध गायक और सांस्कृतिक प्रतीक जुबिन गर्ग की मौत को लेकर जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि जुबिन की मौत किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि एक 'हत्या' थी.
सरमा ने बताया कि जांच पूरी हो चुकी है और 8 दिसंबर तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी. वहीं, इस केस में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
तेजपुर में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 'मैं इसे किसी दुर्घटना के रूप में नहीं देखता, यह हत्या का मामला है.' उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, हालांकि उन्होंने इन साक्ष्यों के बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा. सरमा ने कहा कि इस मामले में 17 दिसंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की कानूनी समयसीमा है, लेकिन सरकार इसे 8 दिसंबर तक पूरा करना चाहती है.
जुबिन गर्ग की मौत की जांच असम पुलिस की CID की एक विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है. मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि चूंकि घटना सिंगापुर में हुई थी, इसलिए भारत के गृह मंत्रालय (MHA) से अनुमति जरूरी है. उन्होंने कहा कि SIT अगले तीन-चार दिनों में गृह मंत्रालय को औपचारिक पत्र भेजेगी. सरमा ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने का अनुरोध किया है.
अब तक इस केस में सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंता, गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, दो बैंड सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महंता शामिल हैं. बाद में जुबिन के चचेरे भाई और असम पुलिस के DSP संदीपन गर्ग को भी गिरफ्तार किया गया. जांच में पाया गया कि जुबिन के सिक्योरिटी गार्ड्स के खातों में ₹1.1 करोड़ से अधिक की संदिग्ध रकम ट्रांसफर हुई थी.
गिरफ्तार सभी सातों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. उन पर भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धाराओं के तहत हत्या, आपराधिक साजिश, लापरवाही से मौत और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. SIT के मुताबिक, जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक सबूत और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड मिले हैं, जो इस मामले को 'साधारण डूबने की घटना' से कहीं अधिक जटिल बनाते हैं.
सिंगापुर पुलिस बल (Singapore Police Force - SPF) भी इस मामले की समानांतर जांच कर रही है. 17 अक्टूबर को जारी एक बयान में SPF ने कहा था कि शुरुआती जांच में 'कोई आपराधिक गतिविधि' नहीं पाई गई है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने में तीन महीने तक का समय लग सकता है. जांच रिपोर्ट राज्य के कोरोनर (Coroner) को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.