आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम शहर अपनी खूबसूरती और सुंदर बीच के लिए मशहूर है. अब प्रदेश में सत्ता बदलते ही यह शहर विवादों में भी आ गया है. इसकी वजह बना है रुशिकोंडा हिल्स पर बना एक आलीशान घर. खूबसूरत पहाड़ी पर बना यह आलीशन घर सरकारी पैसे से बनाया गया है. सत्ता में लौटी तेलुगू देशम पार्टी (TDP) आरोप लगा रही है कि पूर्व सीएम और वाईएसआर कांग्रेस के मुखिया जगन मोहन रेड्डी ने इसे अपने लिए बनवाया था. वहीं, वाईएसआर कांग्रेस का कहना है कि इसे जगन ने अपने लिए नहीं बनवाया है, इसका इस्तेमाल सरकार जैसे चाहे वैसे कर सकती है. अब इस रुशिकोंडा पैलेस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिनमें इसकी भव्यता दिखाई गई है.
दरअसल, यह महल विशाखापत्तनम की रुशिकोंडा पहाड़ी पर बना है.यह पहाड़ी भीमल्ली विधानसभा क्षेत्र में आती है. हाल ही में चुनाव जीते भीमल्ली के विधायक गंटा श्रीनिवास राव रुशिकोंडा हिल्स पर पहुंचे थे. उन्होंने इसे 'राजा महल' की संज्ञा दी और इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए. अब टीडीपी ने भी इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है और जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधा है. टीडीपी का आरोप है कि इस महल जैसे घर को बनाने में लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि रुशिकोंडा की पहाड़ी का एक हिस्सा काटकर उस पर कई इमारतें बनाई गई हैं. एक हिस्से में एक बड़ी सी लंबी-चौड़ी बिल्डिंग है. बीच में एक छोटी सी बिल्डिंग है. फिर तीन अलग-अलग इमारतें बनाई गई हैं. वीडियो में देखकर ही लग रहा है कि यहां निर्माण करने में खूब पैसे खर्च किए गए हैं. आसपास हरियाली का इंतजाम भी खूब किया गया है और सड़कें भी चकाचक बनाई गई हैं.दूसरी तरफ एक और इमारत अलग से बनाई गई है. यह पूरा महल 9.88 एकड़ में फैला है और यह सी फेसिंग है.
इतना ही नहीं, टीडीपी नेताओं का कहना है कि इस घर में सुविधाएं ऐसी की गई हैं कि लोगों के होश उड़ जाएं. आरोप हैं कि इस घर में 40 लाख रुपये का बाथटब और 10 से 12 लाख रुपये की लागत से तो कमोड लगवाया गया है. इसके अलावा, इसी घर में स्पा रूम और मसाज टेबल भी लगाई है. टीडीपी प्रवक्ता पट्टाभी राम कोम्मारेड्डी ने कहा, 'मुख्यमंत्री के बेडरूम में मसाज टेबल देखकर मैं तो हैरान रह गया.' टीडीपी का यह भी कहना है कि यह सब तब करवाया गया जब आंध्र प्रदेश 12 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में है. इसी मामले में टीडीपी का यह भी कहना है कि इसे बनाने का ठेका देवी रेड्डी श्रीनाथ रेड्डी को दिया गया जो कि जगन मोहन रेड्डी के रिश्तेदार हैं.
इस पूरे मामले में वाईएसआर कांग्रेस ने भी अपनी जवाब दिया है. पार्टी प्रवक्ता के रवि चंद्र रेड्डी ने कहा, 'ये इमारतें जगन मोहन रेड्डी की निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी हैं. इन्हें शानदार तरीके से बनाया गया है. टीडीपी के लोग जैसे चाहें इसका इस्तेमाल करें. चाहें तो राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री की विशाखापत्तनम यात्रा में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.'
दरअसल, जगन मोहन रेड्डी की सरकार में विशाखापत्तनम को आंध्र प्रदेश की राजधानी घोषित किया गया था. टीडीपी का आरोप है कि रुशिकोंडा हिल्स पर बनीं इन इमारतों को जगन मोहन रेड्डी के कैंप ऑफिस के तौर पर बनाया जा रहा था. रुशिकोंडा हिल्स के लिए साल 2021 में केंद्र सरकार ने कोस्टर रेगुलेटरी जोन (CRZ) क्लियरेंस दिया था ताकि इसे टूरिजम के लिए विकसित किया जा सके.
टीडीपी का आरोप है कि इन इमारतों को बनाने के लिए ग्रीन रिजॉर्ट को ढहा दिया गया जो कि सालाना 8 करोड़ की कमाई करवाता था. आरोप है कि शुरुआत में जगन की सरकार ने इसे होटल बताया, फिर सीएम का कैंप ऑफिस कहा और बाद में टूरिजम प्रोजेक्ट बताने लगे.टीडीपी के मुताबिक, इसे 91 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत और 15 महीने की समय सीमा के साथ शुरु किया गया. हालांकि, 95 करोड़ रुपये सिर्फ जमीन को समत करने में खर्च कर दिए गए. 21 करोड़ रुपये सुंदरता पर खर्च किए जाने का आरोप है. टीडीपी का कहना है कि निर्माण के दौरान अंदर कोई देख न पाए इसलिए 20 फुट ऊंची बैरिकेडिंग भी की गई थी.
इस मामले में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और जगन मोहन रेड्डी की बहन वाई एस शर्मिला ने भी सवाल उठाए हैं. शर्मिला ने कहा, 'इसे बनाने के लिए जनता के पैसे खर्च किए गए हैं. इस तरह का दुरुपयोग ठीक नहीं है. इस मामले में एक सिटिंग जज से जांच करवाई जानी चाहिए.' जहां टीडीपी और अन्य पार्टियों के नेता सिर्फ वाईएसआर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं, खुद जगन की बहन ने एक कदम आगे जाकर इस मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग कर डाली है.