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कौन है चरणप्रीत सिंह जिसे दिल्ली आबकारी नीति केस में ED ने किया है गिरफ्तार?

CBI ने दिल्ली शराब घोटाले मामले में पहले ही चरणप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है. ईडी का कहना है कि चरणप्रीत सिंह ने गोवा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के लिए नकदी पैसे जुटाए थे.

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ईडी ने दिल्ली शराब घोटाले मामले में एक और गिरफ्तारी की है. इस मामले में ये अब तक 17वीं गिरफ्तारी है. ईडी ने चरणप्रीत पर 2022 गोवा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रचार के लिए अवैध धन जुटाने का आरोप लगाया है. चरणप्रीत सिंह  का आम आदमी पार्टी से गहरा ताल्लुक है. वहीं, AAP ने एक बार फिर से कहा है कि ईडी की जांच राजनीति से प्रेरित है. 

सीबीआई ने दिल्ली शराब घोटाले मामले में पहले ही चरणप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है. ईडी का कहना है कि चरणप्रीत सिंह ने गोवा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के लिए नकदी पैसे जुटाए थे. दिल्ली शराब घोटाले मामले में ईडी इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, बीआरएस नेता के.कविता और कई शराब कारोबारी और अन्य को गिरफ्तार कर चुकी है. 

चरणप्रीत सिंह पर क्या है आरोप?

चरणप्रीत सिंह पर आरोप है कि गोवा में उन्होंने चुनाव के समय कई वर्कर्स, मैनेजर्स को कैश में पेमेंट किया. ईडी का कहना है कि दिल्ली का रहने वाला चरणप्रीत सिंह हवाला ऑपरेटर्स से पैसा इकट्ठा कर गोवा में आम आदमी पार्टी के कैंपन में लगाता था. 

नई आबकारी नीति AAP के लिए बनी फांस

दिल्ली में लागू नई आबकारी नीति ने AAP के कई नेताओं को जेल में डाल दिया. इस नीति को 2021 में लाया गया था. आरोप लगा कि इसमें गड़बड़ी है. इसके जरिए शराब कारोबरियों को मुनाफा पहुंचाया गया. तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार को नीति में गड़बड़ी लगी तो उन्होंने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को रिपोर्ट सौंपी. इसमें तत्कालीन डिप्टी सीएम और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया पर गलत तरीके से एक्साइज पॉलिसी तैयार करने का आरोप लगाया.