'हम सिद्धारमैया के साथ हैं, कांग्रेस मजबूती से खड़ी है...', जन आंदोलन यात्रा में डी के शिवकुमार ने भरी हुंकार
MUDA Scam: कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही बीजेपी-जेडीएस को जवाब देने के लिए कांग्रेस ने जन आंदोलन यात्रा शुरू कर दी है. इस मौके पर डिप्टी सीएम डी के शिवकुमार ने कहा कि पूरी कांग्रेस एकजुट है और वह सिद्धारमैया के साथ खड़ी है. उन्होंने बीजेपी के साथ-साथ जेडीएस को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि इस पार्टी ने अपने ही विधायकों को कभी आगे नहीं बढ़ने दिया.
कर्नाटक में एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल सेक्युलर की 'मैसूर चलो यात्रा' जारी है. MUDA के कथित घोटाले को लेकर सिद्धारमैया को घेर रही बीजेपी को जवाब देने के लिए अब कांग्रेस ने भी कमर कस ली है. कांग्रेस ने आज मैसूर से ही 'जन आंदोलन यात्रा' की शुरुआत की है. इस मौके पर डिप्टी सीएम और कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने कहा कि सब सिद्धारमैया के साथ खड़े हैं और कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने की यह कोशिश कामयाब नहीं होगी. उन्होंने यह भी कहा कि प्रज्वल रेवन्ना केस में एच डी कुमारस्वामी ने क्या-क्या कहा वह सब बताया जाएगा. वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि बीजेपी और जेडीएस मिलकर उनके खिलाफ राजभवन के जरिए साजिश कर रही हैं.
सिद्धारमैया के साथ खड़े होने का दावा करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, 'हम सिद्धारमैया के साथ हैं और कांग्रेस मजबूती से खड़ी है. हम कर्नाटक में एक बार फिर से कांग्रेस को सत्ता में लाएंगे. हम यह बताएंगे कि प्रज्वल रेवन्ना केस के बारे में एच डी कुमारस्वामी ने क्या कहा. जेडीएस के हाई कमांड ने किसी भी विधायक को आगे नहीं बढ़ने दिया. सब को संघर्ष करना पड़ा. बीजेपी और जेडीएस कांग्रेस के स्तंभ को हिला नहीं सकते हैं. चामुंडेश्वरी तुम लोगों को कभी माफ नहीं करेंगी जो साजिश कर रहे हो. हमारी लड़ाई अन्याय और उन लोगों के खिलाफ है जो गरीबों के विरोधी हैं. बीजेपी और जेडीएस के लोग हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि इस सरकार को अस्थिर किया जा सके.'
'येदियुरप्पा को तो राजनीति छोड़ देनी चाहिए'
इसी जन आंदोलन यात्रा को संबोधित करते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'ये लोग राजभवन के जरिए मेरे खिलाफ साजिश रचने की कोशिश कर रहे हैं. ये लोग कहते हैं कि मैंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके साइट को खुद को अलॉट करवाया. अगर आपने अपने ही कार्यकाल के दौरान इसे अलॉट किया तो मेरी गलती कैसे हुई? बीजेपी और जेडीएस हर संभव कोशिश कर रही हैं कि मुझे बदनाम किया जाए और इस सरकार को अस्थिर किया जाए.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं यह नहीं कह रहा हूं कि वाल्मीकि कॉर्पोरेशन में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है. कॉरपोरेशन के और बैंक के कुछ अधिकारी इसमें शामिल हैं और 87 करोड़ रुपये रिकवर भी हुए हैं. एक चार्जशीट भी फाइल की गई है. बीएस येदियुरप्पा को राजनीति में नहीं होना चाहिए क्योंकि उनके खिलाफ तो POCSO केस में चार्जशीट पाइल की गई है. उनको क्या नैतिक अधिकार है कि वह राजनीति में रहें. विजयेंद्र कई घोटालों में लिप्त हैं.'
क्या है MUDA Scam?
दरअसल, यह पूरी राजनीति मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) और वाल्मीकि कॉर्पोरेशन में हुए कथित घोटाले को लेकर हो रहा है. सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती सिद्धारमैया के पास मैसूर के पास केसारे गांव में 3 एकड़ 16 गुंटा जमीन थी, जो कि उन्हें उनके भाई मल्लिकार्जुन ने तोहफे में दी थी. साल 2021 में इस जमीन का अधिग्रहण MUDA ने किया ताकि विकास कार्य के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सके. दक्षिण मैसूर में बनने वाले विजयनगर 3 और 4 के स्टेज लेआउट के मुताबिक, पार्वती को 38,283 वर्ग फीट के लिए मुआवजा दिया गया.
सवाल उठे कि इन जगहों पर जो कीमत दिखाई गई वह असली कीमत से काफी ज्यादा थी. इसी को लेकर सवाल उठाए गए. सिद्धारमैया इसको लेकर यह बचाव कर रहे हैं कि यह सब तब हुआ जब 2021 में बीजेपी की सरकार थी. इस बारे में सिद्धारमैया के कानूनी सलाहकार ए एस पोनन्ना कहते हैं, 'भूमि अधिग्रहण कानून के तहत पार्वती को 57 करोड़ रुपये और मिलने चाहिए जबकि उन्हें सिर्फ 15-16 करोड़ रुपये ही मिले जो कि केसारे की उनकी जमीन के लिए काफी कम हैं.'