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विलय से पहले पायलट नाखुश, इंडिया-विस्तारा मर्जर को लेकर क्यों मचा है हंगामा?

Vistara Pilot Crisis: विस्तारा एयरलाइन को पिछले तीन घंटों में मुश्किल दौर का सामना करना पड़ा है, इसकी केवल 51 प्रतिशत उड़ानें समय पर चल रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इस समस्या से निपटने के लिए विस्तारा ने कुछ मार्गों पर ए 321 और 787-9 ड्रीमलाइनर जैसे बड़े विमानों का उपयोग करने की योजना बनाई है.

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Manish Pandey

9.1 फीसद मार्केट शेयर के साथ भारत की टॉप 3 एयरलाइंस में से एक विस्तारा अपने बुरे दौर से गुजर रही है. टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस की स्वामित्व वाली कंपनी ने बीते कुछ दिनों में 150 से अधिक फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा है. वजह ये है कि एयरलाइंस के ज्यादातर पायलट सामूहिक छुट्टी पर चले गए हैं. पायलटों की भारी कमी के कारण विस्तारा को टिकट रद्द करना पड़ा और ग्राहकों को रिफंड जारी करना पड़ा. 70 विमानों वाली एयरलाइन के प्रबंधन का कहना है कि उड़ान संबंधी रुकावटें इस हफ्ते के अंत तक काफी हद तक कम हो सकती हैं. कंपनी ने कहा है कि वह स्टैंडबाय पर रह रहे 1000 पायलटों का उपयोग करने जा रही है.

पायलटों की कमी भारत की एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए नई नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया, इंडिगो, गोएयर और अन्य कई एयरलाइनों ने कर्मचारियों की कमी के कारण उड़ानें रद्द की हैं. ताजा संकट विस्तारा-एयर इंडिया विलय के ठीक बीच में आया है. सोमवार को हालात उस समय बिगड़ गए जब निर्धारित 300 उड़ानों में से लगभग 80 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 90 को संचालित करने में देर हुई. मंगलवार को फिर से 50 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा. कंपनी का कहना है कि चालक दल की कमी के कारण एयरलाइन को ऐसे हालातों का सामना करना पड़ रहा है.

वेतन को लेकर पायलटों की समस्याएं
विस्तारा की ऐसी हालत का जिम्मेदार वेतन के नए कॉन्ट्रैक्ट को बताया जा रहा है. विस्तारा पायलटों के एक बड़े वर्ग के बीच इसे लेकर काफी असंतोष है. एयर इंडिया के साथ विस्तारा के विलय से पहले ही नाराजगी को लेकर संकेत मिल रहे थे. एअर इंडिया और विस्तारा एयरलाइंस ने  दिसंबर 2022 में मर्जर का इसका ऐलान किया था.  टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के बीच 51%-49% की हिस्सेदारी हुई है. डील के तहत सिंगापुर एयरलाइंस एयर इंडिया में 2058 करोड़ का निवेश करेगी.

नए सैलरी स्ट्रक्चर का विरोध
फरवरी में घोषित गए नए कॉन्ट्रैक्ट में उड़ान के घंटों को 70 से घटाकर 40 कर दिया गया था. इसका मतलब है कि एक पायलट हफ्ते में सिर्फ 40 घंटे की उड़ान भर पाएगा. इस फैसले से पायलटों को डर सताने लगा कि ऐसे में उनके वेतन में भारी कमी आ सकती है. सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव से नाराज15 पायलट पिछले कुछ दिनों में कंपनी को अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं.

सामूहिक छुट्टी पर गए पायलट
मार्च की शुरुआत में नए सैलरी स्ट्रक्चर के विरोध में विस्तारा के कई पायलटों ने एक साथ बीमार होने की छुट्टी ले ली है. इसके कारण कई उड़ाने रद्द हुईं और कुछ को देरी का सामना करना पड़ा. हालांकि एयरलाइन ने उस समय चालक दल की कमी को इसका कारण नहीं बताया था. वहीं, मंगलवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विस्तारा को उड़ान रद्द होने और देरी पर दैनिक रिपोर्ट देने को कहा.

प्रबंधन का अल्टीमेटम
इस कदम से नाराज विस्तारा के प्रबंधन ने अपने पायलटों को एक अल्टीमेटम जारी किया. इसमे कहा गया कि या तो नए सैलरी स्ट्रक्चर को स्वीकार करें या नौकरी छोड़ दें. सूत्रों का कहना है कि पहले से नाखुश पायलटों के बीच इस संदेश ने आग में घी डालने का काम किया. पायलटों ने एक बार फिर सामूहिक छुट्टी पर जाने की बात कही है. विस्तारा के पायलट केवल वेतन से ही नाखुश नहीं हैं. इसके अलावा कुछ लोग कंपनी की बेतरतीब रोस्टरिंग प्रथाओं से भी नाखुश हैं.

क्या रंग लाएगा सीईओ का आश्वासन?
बुधवार को हालात में थोड़ा सुधार देखने को मिला. विस्तारा के सीईओ विनोद कन्नन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पायलटों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग की, जिसमें उन्हें बेहतर रोस्टरिंग का आश्वासन दिया गया और एयर इंडिया के साथ विस्तारा के विलय के बारे में उनके डर को दूर किया गया. उन्होंने पायलटों से वादा किया कि रोस्टरिंग के संबंध में सुधारात्मक उपाय जल्द ही किए जाएंगे और मई के बाद से इसमें बदलाव दिखाई देने लगेगा. नए कॉन्ट्रैक्ट को लेकर सीईओ ने उन्हें आश्वस्त किया कि विलय के बाद करियर में प्रगति और आय वृद्धि के पर्याप्त अवसर होंगे.