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पहली बार दुनिया के सबसे ऊंचे पुल पर 100 की रफ्तार से दौड़ी वंदे भारत, रेल मंत्री ने शेयर किया ऐतिहासिक वीडियो

इस ऐतिहासिक पल का एक शानदार वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (X) पर साझा किया. उन्होंने वीडियो के साथ गर्व से लिखा, "भारत के इंजीनियरिंग अजूबे पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार!"

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पहली बार दुनिया के सबसे ऊंचे पुल पर 100 की रफ्तार से दौड़ी वंदे भारत, रेल मंत्री ने शेयर किया ऐतिहासिक वीडियो
Courtesy: X

भारतीय रेलवे ने कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने के अपने सपने में एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल कर ली है. पहली बार देश की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस ने दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल पुल और भारत के पहले केबल-स्टेय्ड अंजी खड्ड पुल पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ लगाई है.

इस ऐतिहासिक पल का एक शानदार वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (X) पर साझा किया. उन्होंने वीडियो के साथ गर्व से लिखा, "भारत के इंजीनियरिंग अजूबे पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार!"

अगस्त में मिली थी मंजूरी, अक्टूबर में पूरा हुआ सपना

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के तहत 111 किलोमीटर लंबे कटरा-बनिहाल सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा को बढ़ाकर 100 किमी/घंटा करने की मंजूरी रेलवे मंत्रालय ने अगस्त महीने में ही दे दी थी. इससे पहले इस मुश्किल पहाड़ी इलाके में ट्रेनों को केवल 75 से 85 किमी/घंटे की गति से चलाने की अनुमति थी.

हालांकि, सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों और परीक्षणों को पूरा करने के बाद अब पहली बार वंदे भारत ट्रेन को आधिकारिक तौर पर 100 किमी/घंटा की रफ्तार से इन दोनों मशहूर पुलों के ऊपर से सफलतापूर्वक गुजारा गया है. उत्तर रेलवे का कहना है कि स्पीड बढ़ने से कटरा और बनिहाल के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और यात्रियों की राह बेहद आसान हो जाएगी.

क्यों खास है कटरा-बनिहाल रेल रूट?

272 किलोमीटर लंबा USBRL प्रोजेक्ट भारत का सबसे चुनौतीपूर्ण रेल प्रोजेक्ट माना जाता है, जो कश्मीर घाटी को हर मौसम में देश के रेल नेटवर्क से जोड़े रखता है. यह रेल मार्ग हिमालय की बेहद कठिन और खतरनाक पहाड़ियों से होकर गुजरता है.

इस रूट पर 36 से ज्यादा सुरंगें (टनल) बनाई गई हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 119 किलोमीटर है. इनमें टनल T-50 भी शामिल है, जिसकी लंबाई 12.77 किलोमीटर है. यह भारत की सबसे लंबी चालू परिवहन सुरंग है. इसके अलावा इस रूट पर 900 से अधिक छोटे-बड़े पुल बनाए गए हैं.

भारतीय इंजीनियरिंग की बेजोड़ मिसाल है चिनाब और अंजी पुल

इस रेल मार्ग की सबसे बड़ी खासियत इसके दो मुख्य ब्रिज हैं:

चिनाब रेल ब्रिज (Chenab Rail Bridge): यह नदी के तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है और इसकी लंबाई 1,315 मीटर है. यह एफिल टॉवर से भी ऊंचा है और दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज (धनुषाकार पुल) है.

अंजी खड्ड ब्रिज (Anji Khad Bridge): यह अंजी नदी की घाटी पर बना भारत का पहला केबल-स्टेय्ड (केबल पर टिका) रेलवे ब्रिज है, जो दिखने में जितना खूबसूरत है, इंजीनियरिंग के लिहाज से उतना ही मजबूत और जटिल है.

2026 में जम्मू तक हुआ वंदे भारत का विस्तार

कश्मीर रेल लिंक पूरा होने के बाद शुरुआत में वंदे भारत एक्सप्रेस को केवल कटरा और श्रीनगर के बीच ही चलाया जा रहा था. इसके बाद अप्रैल 2026 में रेलवे ने इस सेवा का विस्तार करते हुए इसे जम्मू तवी तक बढ़ा दिया. साथ ही ट्रेन में कोचों की संख्या भी 8 से बढ़ाकर 20 कर दी गई.

मई 2026 से जम्मू से श्रीनगर के बीच सीधी वंदे भारत सेवा नियमित रूप से चल रही है, जो अब चिनाब और अंजी पुलों को पार करते हुए तेज रफ्तार से अपना सफर तय करती है.

भारतीय रेलवे का आधुनिक रूप

कटरा-बनिहाल रेल खंड पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाना पूरे देश में चल रहे रेलवे के आधुनिकीकरण का ही एक हिस्सा है. रेलवे मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2014 में देश के केवल 40% रेल नेटवर्क पर ट्रेनें 110 किमी/घंटा या उससे अधिक की स्पीड से चल पाती थीं. आज भारतीय रेलवे का लगभग 81% से अधिक नेटवर्क इस गति से ट्रेनें चलाने के लिए पूरी तरह अपडेट हो चुका है.