22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रहा है. यात्रा से पहले नेमप्लेट को लेकर विवाद शुरू हो गया है. कावंड़ यात्रा के रूट में आने वाली सभी दुकानों को आदेश दिया गया है कि सभी मालिकों को बड़े अक्षर में नाम लिखना होगा. सीएम योगी ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि पूरे राज्य में कांवड़ रूट पर दुकानों को खाने की दुकान पर नेमप्लेट लगाना होगा. योगी सरकार के इस आदेश का विरोध हो रहा है.
इस मामले में अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की भी एंट्री हो गई है. गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अगर हिन्दू नाम इतना प्रिय है तो हिन्दू क्यों नहीं बन जाते?' यूपी के सभी कांवड़ रूट पर खानपान की दुकानों के सामने दुकानदारों को अपना नाम और अपनी पहचान बतानी होगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार ने आदेश दिया है कि प्रदेश में कांवड़ मार्गों पर जितनी भी दुकानें मौजूद हैं, उनके मालिकों को अपने नाम एक नेमप्लेट के जरिए दुकान के बाहर लगाना होगा.
अगर हिन्दू नाम इतना प्रिय है तो हिन्दू क्यों नहीं बन जाते?
— Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) July 20, 2024Also Read
मुजफ्फरनगर पुलिस ने सबसे पहले ये निर्देश दिया. इसपर विपक्षी दलों ने यूपी सरकार पर निशाना साधा. यूपी सरकार के इस फैसले की आरजेडी, आरएलडी और एलजेपी ने आलोचना की है. अब योगी सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि कांवड़ रूट पर सभी दुकाने के आगे नेमप्लेट लगी होनी चाहिए.
यूपी सरकार के फैसले के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी कांवड़ यात्रा के लिए कदम उठाया है. निर्देश के अनुसार कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकानों पर नेमप्लेट लगानी होगी. दुकानों पर संचालक मालिक का नाम और पहचान लिखना होगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपना परिचय देने में किसी को समस्या नहीं होनी चाहिए. इस फैसले का मकसद किसी को निशाना बनाना या फिर परेशानी में डालना नहीं है. बता दें कि 22 जुलाई से सावन का महीना शुरू होने जा रहा है और कांवड़ यात्रा की इसी के साथ शुरुआत हो जाएगी.