Gonda Train Accident: उत्तर प्रदेश में गोंडा रेल हादसे को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. दरअसल इस हादसे से पहले का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह ऑडियो क्लिप रेलवे कर्मचारी की है. इस वायरल ऑडियो में कीमैन कहता रहा 'पटरी में गड़बड़ी है, डेंजर है, काशन की जरूरत है' लेकिन ध्यान नहीं दिया गया. इसके बाद यह बड़ा हादसा हो गया. इसी के साथ रेलवे के अफसरों पर जरूरी संकेतों की अनदेखी करना का आरोप अब लगने लगा है.
हालांकि रेलवे ने इस आडियों की सच्चाई से इनकार कर दिया है. वहीं इस हादसे की फोरेंसिक जांच जारी है. सीआरएस की टीम अफसरों के साथ मौके पर भी पहुंचेगी और वहां से साक्ष्य जुटाएगी. ट्रक से लेकर ट्रैक्शन तक सबकी पड़ताल होगी. कब, क्यों और कैसे ये हादसा हुआ. इन सभी बिंदुओं पर जांच कर टीम अपनी इस रिपोर्ट को रेल मंत्रालय को सौंपेगी.
बता दें कि गुरुवार को डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के गोंडा में पटरी से उतर जाने के बाद चार यात्रियों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे. इस हादसे से एक दिन पहले ट्रैक पर काम चलने के कारण यात्री ट्रेनों को 15-20 किलोमीटर प्रति घंटी की धीमी रफ्तार से चलाया गया था लेकिन अगले दिन इसी स्थान पर वह ट्रेन हादसे का शिकार हो गई.
रेलवे के दस्तावेज के अनुसार गोंडा-मनकापुर जंक्शन पर ट्रैक ठीक करने के लिए 17 जुलाई 2024 सतर्कता आदेश जारी किया गया था. इसके तहत ही ट्रेनों की धीमी रफ्तार से वहां गुजारा गया. इसी सेक्शन पर 27 अगस्त, 2023 व 10 जून 2022 को सतर्कता आदेश जारी कर ट्रेनों को 15 किमी प्रति घंटे की प्रतिबंधित रफ्तार पर चलाया गया था. रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग ट्रैक को बदलने-मरम्मत करने के लिए उक्त आदेश करते हैं. बीते गुरुवार को किसी प्रकार का सतर्कता आदेश न जारी होने के कारण चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस अपनी अधिकतम रफ्तार पर दौड़ते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
वहीं इस घटना पर विशेषज्ञों के अनुसार ट्रेन के बेपटरी होने के दो ही कारण हो सकते हैं. इनमें ट्रैक की खामी या इंजन-कोच के पहियों में गड़बड़ी बड़ी और मुख्य कारण है.पिछले तीन साल से उत्क सेक्सन में निरंतर ट्रैक का काम किया जा रहा है. इसलिए हादसे का कारण ट्रैक में गड़बड़ी को माना जा रहा है, हालांकि इसकी असली कारण रेल संरक्षा आयुक्त की जांच के बाद ही पता चलेगा.