केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उनकी सरकार पर राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को अनदेखी करने का आरोप लगाया है. बंगाल में बलात्कार विरोधी विधेयक पर विवाद के बीच रिजिजू ने 11 नवंबर 2021 का एक पत्र साझा करते हुए कहा, जो पश्चिम बंगाल सरकार को संबोधित हैं जिसमें बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की स्थापना का अनुरोध किया गया है.
पत्र को शेयर करते हुए रिजिजू ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए बोले, 'मुझे दुख है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों को त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए अपने सबसे पवित्र कर्तव्य की अनदेखी की. 2021 का यह पत्र इसे साफ रूप से दर्शाता है'.
उन्होंने कहा, 2018 में बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों से निपटने के लिए संसद द्वारा एक कड़ा कानून पारित किया गया था. राज्य सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए. किरण रिजिजू ने पत्र में इस बात प्रकाश डाला गया है कि पश्चिम बंगाल के लिए 20 ई पॉक्सो कोर्ट सहित 123 एफटीएससी आवंटित किया गया था लेकिन राज्य सरकार की सहमति नहीं मिली. मई 2021 तक राज्य में बलाताक्र और पोक्सो अधिनियम के 28,559 मामले लंबित थे.
I feel sad that Chief Minister of West Bengal ignored her most sacred duty of providing quick Justice for women & children. This letter of 2021 clearly shows it.
In 2018, a stringent law was passed by- Parliament to deal with heinous crimes like Rape.. State Govts must act ! pic.twitter.com/fTE5vXkVFD— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) September 4, 2024Also Read
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बता दें कि यह आलोचना पश्चिम बंगाल विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से अपराजिता महिला एंव बाल विधेयक पारित किए जाने के एक दिन बाद आई है, जिसमें बलात्कार के दोषी व्यक्तियों पर मृत्युदंड लगाने और एक विशेष कार्य बल और समर्पित विशेष अदालत और जांच दल की स्थापना करने का प्रावधान है. इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य बलात्कार और यौन अपराधों से संबंधित नए प्रावधानों को संशोधित करके और पेश करके महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बढ़ाना है, जिससे राज्य में उनके लिए एक सुरक्षित वातावरण तैयार हो सके.