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ट्रेन लेट, भीड़ बेकाबू! नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची अफरा-तफरी, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

New Delhi Railway Station: पुलिस ने बताया कि कोई घायल नहीं हुआ है, लेकिन कुछ ट्रेनों में देरी के चलते रेलवे स्टेशन पर भीड़ बढ़ गई, जिससे यात्रियों को बैरिकेड्स पार करते देखा गया.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
ट्रेन लेट, भीड़ बेकाबू! नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची अफरा-तफरी, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
Courtesy: Social Media

New Delhi Railway Station: रविवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की अचानक बढ़ी भीड़ के कारण अफरा-तफरी मच गई. प्लेटफार्म पर यात्रियों का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. रेलवे और दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि भीड़ जरूर थी, लेकिन किसी भी समय स्थिति पूरी तरह बेकाबू नहीं हुई.

यात्रियों की भारी आमद से बढ़ी मुश्किलें

दिल्ली पुलिस के अनुसार, स्थिति रात 9:30 से 10:00 बजे के बीच ज्यादा बिगड़ी, जब प्लेटफार्म नंबर 12 और 13 पर यात्रियों का असामान्य जमावड़ा हो गया. प्रमुख ट्रेनों के देरी से चलने और प्लेटफार्म आवंटन में विलंब के कारण यात्रियों की भीड़ अनियंत्रित हो गई.

कौन-सी ट्रेनें देरी से चल रही थीं?

बता दें कि रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कई महत्वपूर्ण ट्रेनें देर से चल रही थीं, जिससे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण से बाहर होने लगी. इनमें शामिल थीं -

  • शिव गंगा एक्सप्रेस (रात 8:05 बजे की जगह 9:20 बजे रवाना)
  • स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (रात 9:15 बजे निर्धारित, पहले से प्लेटफार्म पर खड़ी थी)
  • जम्मू राजधानी एक्सप्रेस (रात 9:25 बजे के लिए निर्धारित)
  • लखनऊ मेल (रात 10:00 बजे के लिए निर्धारित)
  • मगध एक्सप्रेस (रात 9:05 बजे निर्धारित, लेकिन कोई प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं था)

इन ट्रेनों की देरी के कारण हजारों यात्रियों को प्लेटफार्म पर इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ का दबाव बढ़ गया.

भीड़ नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम

बताते चले कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भीड़-नियंत्रण उपायों को लागू किया.

  • अनारक्षित यात्रियों को निर्धारित होल्डिंग जोन में भेजा गया.
  • RPF के वरिष्ठ अधिकारी और स्टेशन निदेशक मौके पर मौजूद रहे.
  • यात्रियों को ट्रेन के सही समय की जानकारी दी गई ताकि भ्रम की स्थिति न बने.

पिछले हादसे से ली गई सीख

हालांकि, यह घटना 15 फरवरी को हुई भीषण भगदड़ के ठीक एक महीने बाद सामने आई है, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी और 15 अन्य घायल हो गए थे. उस घटना का कारण भी ट्रेनों की देरी और अव्यवस्थित भीड़ नियंत्रण था. इस बार रेलवे प्रशासन ने सतर्कता से कदम उठाते हुए किसी भी बड़े हादसे को टालने में सफलता हासिल की.