पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी को लगातार झटके लग रहे हैं. आए दिन हो रहे इस्तीफों से पार्टी भगदड़ की स्थिति बन गई है. गुरुवार को पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया. उसके बाद अरूप चक्रवर्ती ने भी प्रवक्ता पद छोड़ने का ऐलान कर दिया. एक ही दिन में दो प्रवक्ताओं के इस्तीफे के बाद तृणमूल कांग्रेस में मायूसी का माहौल है.
डॉ. शांतनु सेन ने ममता बनर्जी को भेजे इस्तीफे में कहा है कि तमाम मुद्दों पर सहमत ना होने के बाद भी कई विवादित मुद्दों पर मीडिया के सामने पार्टी की जमकर पैरवी की, लेकिन अब नहीं होता. आरजी कर केश और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर जनता ने हमें नकार दिया है. इन परिस्थितियों में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभालने की मेरी मनः स्थिति नहीं है.
टीएमसी के स्पोक्सपर्सन पद से इस्तीफा देने वाले अरूप चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कोई खास कारण नहीं लिखा है. उन्होंने कहा कि निजी कारणों से पद पर बना नहीं रह सकता, हालांकि निजी कारण क्या होते हैं? सब जानते हैं. अरूप चक्रवर्ती ने कहा है कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी, उसके लिए वे पार्टी के आभारी रहेंगे. अरूप चक्रवर्ती ने पद पर रहते हुए पार्टी की विचारधारा ईमानदारी से आगे बढ़ाने की बात कही.
विधानसभा चुनाव में टीएमसी की करारी हार के बाद से पार्टी में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. 100 से अधिक पार्षद पार्टी छोड़ चुके हैं तो कई विधायक और सांसद इस तैयार में बताए जा रहे हैं. लोकसभा में पार्टी की व्हिप प्रमुख रहीं बारासात लोकसभा सीट से सांसद काकोली घोष दस्तीकार पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. इस बीच कल्णाण बनर्जी पर लोकसभा में गाली-गलौज करने के शिकायत लोकसभा स्पीकर को भेजकर काकोली ने घर की रार बाहर पहुंचा दी है. इससे पहले वे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक में भी देखी जा चुकी हैं. माना जा रहा है कि काकोली सांसदों के एक बड़े धड़े के साथ बीजेपी ज्वाइन कर सकती हैं.