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कौन हैं नासिक टीसीएस कंपनी की HR मैनेजर निदा खान? जिनपर महिला कर्मचारियों के यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण लगा गंभीर आरोप

महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस बीपीओ यूनिट में HR मैनेजर निदा खान पर महिला कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण के लिए उकसाने का आरोप लगा है. पुलिस ने 40 दिनों की गुप्त जांच के बाद नौ FIR दर्ज की हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
कौन हैं नासिक टीसीएस कंपनी की HR मैनेजर निदा खान? जिनपर महिला कर्मचारियों के यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण लगा गंभीर आरोप
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महाराष्ट्र के नासिक शहर में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की बीपीओ यूनिट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन शोषण, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिशों का आरोप लगाया गया है. पुलिस की लंबी गुप्त जांच के बाद अब तक नौ एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और छह टीम लीडर्स समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

इस पूरे प्रकरण में कंपनी की एचआर मैनेजर निदा खान का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है. पीड़ित युवतियों का आरोप है कि उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और आरोपी पुरुष कर्मचारियों को संरक्षण दिया गया. यह मामला कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है.

निदा खान कौन हैं?

निदा खान सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं. वे नासिक टीसीएस बीपीओ यूनिट में एचआर डिपार्टमेंट की मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं. उनकी मुख्य जिम्मेदारी कर्मचारियों की शिकायतों को सुनना, कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और यौन उत्पीड़न निवारण (POSH) अधिनियम के तहत शिकायतों का निपटारा करना था. वे कंपनी की आंतरिक शिकायत निवारण समिति (ICC) की भी सदस्य थीं.

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार निदा खान पुणे से जुड़ी हुई थीं और जनवरी 2026 में कंपनी छोड़ चुकी थीं. पुलिस जांच में उनका नाम इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है क्योंकि उन्होंने शिकायतों को दबाने और आरोपी टीम लीडर्स को बचाने में अहम भूमिका निभाई.

महिलाओं पर लगे गंभीर आरोप

पीड़ित महिलाएं ज्यादातर 18 से 25 साल की युवतियां हैं. इनका आरोप है कि टीम लीडर्स आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर, दानिश शेख, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी और शफी शेख ने उन्हें बेहतर सैलरी, प्रमोशन और नौकरी के लालच में फंसाया. बाद में इन युवतियों पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया गया.

कई मामलों में ब्लैकमेल और बलात्कार तक के आरोप लगे हैं. साथ ही उन्हें नमाज पढ़ने, रोजा रखने, मांसाहार करने और यहां तक कि धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई. पीड़ितों ने 78 ईमेल और चैट मैसेजेस के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. 

निदा खान पर मुख्य आरोप

निदा खान पर सबसे बड़ा आरोप यह है कि उन्होंने पीड़ित महिलाओं की बार-बार की शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया. वे POSH समिति की सदस्य होने के बावजूद शिकायतों को उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया और आरोपी पुरुष कर्मचारियों को पूरा संरक्षण दिया.

कुछ पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने निदा खान से शिकायत की तो उन्होंने जवाब दिया कि ऐसी बातें कॉर्पोरेट संस्कृति में आम हैं. पुलिस ने उन्हें इस पूरे साजिश का मुख्य साजिशकर्ता माना है. उनकी वजह से कई युवतियां लंबे समय तक शोषण का शिकार होती रहीं. इस मामले ने टीसीएस जैसी बड़ी कंपनी की आंतरिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

जांच और आगे की स्थिति

पुलिस की 40 दिनों की गुप्त जांच के बाद अब तक नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. छह टीम लीडर्स और एचआर विभाग से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. निदा खान इस समय मुख्य आरोपी हैं और जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं. यह मामला न सिर्फ यौन उत्पीड़न बल्कि जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों को भी सामने लाया है.

महाराष्ट्र पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है. टीसीएस कंपनी ने भी इस प्रकरण पर गंभीरता दिखाते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है. पीड़ित युवतियों को न्याय मिले, इसी उम्मीद के साथ पूरा मामला अब अदालत और पुलिस की जांच पर निर्भर है.