तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके पार्टी के चीफ सी जोसेफ विजय ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की. तमिलनाडु में सरकार बनने के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी के साथ विजय की पहली आधिकारिक मुलाकात है. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक 30 मिनट तक चली. दिल्ली दौरे के दौरान विजय तमिलनाडु हाउस में भी गए जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. सूत्रों की मानें तो अपने दिल्ली दौरे पर विजय उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करेंगे. इसके अलावा विजय सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी 10 जनपथ पर मुलाकात करेंगे.
बता दें कि कांग्रेस, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से 13 मई को विश्वास मत हासिल करने के बाद राजधानी दिल्ली के लिए यह विजय की पहली आधिकारिक यात्रा है.
Chief Minister of Tamil Nadu, Thiru @actorvijay met Prime Minister @narendramodi today.@CMOTamilnadu pic.twitter.com/xwE8THhDEV
— PMO India (@PMOIndia) May 27, 2026
तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात के दौरान विजय ने रक्षा परियोनजाओं, संघीय अधिकारों, शिक्षा, मत्स्य पालन, और राज्य को मिलने वाले लंबित वित्तीय आवंटन से संबंधित मुद्दे उठाए. विजय ने पीएम मोदी को बताया कि उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान परियोजना और लड़ाकू हवाई प्रमाणी परियोजना जैसी प्रमुख रक्षा पहलें तमिलनाडु में कई डीआरडीओ से संबद्ध संगठनों की भागीदारी से पहले से ही कार्यान्वित की जा रही हैं. उन्होंने केंद्र की इन परियोजनाओं की निरंतरता के रूप में
पीएम से मुलाकात के दौरान विजय ने वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद का भी मुद्दा उठाया. केंद्र सरकार के नए सर्कुलर के मुताबिक आधिकारिक कार्यक्रमों में सबसे पहले वंदे मातरम गीत गाया जाएगा. उन्होंने पीएम से अपील की कि वह गृह मंत्रालय को निर्देश दें कि वे तमिलनाडु राज्य को वंदे मातरम से पहले राज्यगान गाने की अनुमति दे.
विजय ने कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु परियोजना पर भी कड़ी आपत्ति जताई और परियोजना से जुड़ी कथित भूमि पूजा का हवाला देते हुए कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के खिलाफ है.
उन्होंने पीएम मोदी सेआग्रह किया कि वे जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल संसाधन न्यायाधिकरण को सलाह दें कि विवाद में शामिल सभी राज्यों की सहमति के बिना परियोजना को अनुमति न दें. बता दें कि कावेरी नदी जल बंटवारे को लेकर मेकेदातु का मुद्दा तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच एक प्रमुख विवाद का विषय बना हुआ है.
विजय ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिलनाडु के मछुआरों पर बढ़ते हमलों और उनकी गिरफ्तरी पर भी चिंता व्यक्त की. पीएम मोदी को सौंपी गई याचिका के अनुसार, तमिलनाडु के 58 मछुआरे वर्तमान में श्रीलंका की जेलों में बंद हैं, जबकि 288 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को भी जब्त किया गया है. उन्होंने केंद्र सरकार से मछुआरों और नौकाओं को रिहा करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया.