नई दिल्ली: लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो 21 जुलाई का है, जब वे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में थे. वीडियो में वांगचुक काफी गुस्से में नजर आ रहे हैं. वे एक पुलिस अधिकारी से बात करते हुए दिख रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें परेशान किया जा रहा है.
वीडियो में सोनम वांगचुक अस्पताल के कॉरिडोर में चलते दिख रहे हैं. उनकी पत्नी गीतांजलि उनके सामान को लेकर साथ चल रही हैं. एक पुलिस अधिकारी उन्हें रोकने की कोशिश करता है. वांगचुक गुस्से में कहते हैं, “उनसे कहो मुझे गिरफ्तार कर लें. मैं एक आजाद नागरिक हूं.” देखें वीडियो-
#Breaking -This is the video from Safdarjung hospital in Delhi where Sonam Wangchuk was under medical observation. After the high court order, he was leaving for Medanta when Safdarjung hospital staff tried to stop him on July 21. pic.twitter.com/A3F0SfZRx6
— NEWS WALA (@NEWSWALApy) July 25, 2026Also Read
वे आगे कहते हैं, “आप लोग मुझे परेशान कर रहे हैं. अगर तनाव से मैं मर गया तो जिम्मेदारी आपकी होगी.” पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने की कोशिश करता है, लेकिन वांगचुक बाहर निकलने की कोशिश करते रहते हैं. उन्होंने कहा, “24वें दिन अनशन के दौरान आप मुझे बिना वजह तीन घंटे यहां रोके हुए हैं.” गीतांजलि भी पुलिस पर आरोप लगाती नजर आती हैं. वे कहती हैं, “आप बदतमीजी कर रहे हैं. क्या आपको ऐसा व्यवहार करने के आदेश मिले हैं?”
सफदरजंग अस्पताल ने बयान जारी कर कहा कि वीडियो हाईकोर्ट के लिखित आदेश से पहले का है. अस्पताल में वीडियो बनाने पर प्रतिबंध था. उस समय वांगचुक मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर अस्पताल छोड़ना चाह रहे थे. जैसे ही हाईकोर्ट का लिखित आदेश मिला, उन्हें मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों को सौंप दिया गया.
21 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने गीतांजलि की याचिका पर आदेश दिया कि वांगचुक को अपनी पसंद के अस्पताल में शिफ्ट किया जाए. वांगचुक ने पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि सफदरजंग अस्पताल में उन्हें पुलिस निगरानी में रखा गया है. बता दें कि सोनम वांगचुक ने 28 जून को जंतर मंतर पर अनशन शुरू किया था. 26 दिन बाद शुक्रवार को उन्होंने अनशन समाप्त कर दिया.
अनशन के दौरान वे 11 किलो वजन कम कर चुके हैं. वे अभी मेदांता अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं. गीतांजलि ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में भी पुलिस हर जगह मौजूद है. उन्होंने एक तस्वीर शेयर की जिसमें ICU के बाहर पुलिसकर्मी दिख रहे हैं. उन्होंने पूछा कि अगर कोर्ट कह चुका है कि वे हिरासत में नहीं हैं तो पुलिस उन्हें क्यों रोक रही है?
At both Safdarjung and now Medanta, police are everywhere. At the main gate. The reception. The lifts. Outside @Wangchuk66’s ICU. They decide who may or may not meet him.
— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) July 25, 2026
If the Court has clarified that he is not under detention, then under what authority is this happening?
In an… pic.twitter.com/CmZNYqWTHN