खराब मौसम के चलते कई दिनों तक बाधित रहने के बाद अमरनाथ यात्रा एक बार फिर पटरी पर लौट आई है. शनिवार तड़के जम्मू से हजारों श्रद्धालुओं का नया ग्रुप कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाल्टल बेस कैंप के लिए रवाना किया गया. प्रशासन ने मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया. हालांकि पहलगाम मार्ग से फिलहाल कोई नया जत्था नहीं भेजा गया है.
लगातार बारिश और प्रतिकूल मौसम के कारण 19 जुलाई से अमरनाथ यात्रा रोक दी गई थी. मौसम में सुधार के बाद प्रशासन ने यात्रा दोबारा शुरू कर दी. अधिकारियों के अनुसार 223 वाहनों के काफिले में 6,269 श्रद्धालु बाल्टल बेस कैंप के लिए रवाना हुए. इनमें महिलाएं, बच्चे और साधु भी शामिल हैं.
इस बार केवल बाल्टल मार्ग के लिए श्रद्धालुओं का काफिला रवाना किया गया. पहलगाम मार्ग पर फिलहाल यात्रा शुरू नहीं की गई है. प्रशासन लगातार मौसम और मार्ग की स्थिति पर नजर बनाए हुए है. सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे रास्ते में व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रहे.
अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास दो रास्ते हैं. पहला मार्ग पहलगाम के नुनवान से होकर लगभग 48 किलोमीटर लंबा है. दूसरा मार्ग गांदरबल जिले के बाल्टल से होकर जाता है, जो दूरी में छोटा है लेकिन चढ़ाई अधिक कठिन मानी जाती है. श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी मार्ग का चयन करते हैं.
इस साल 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी. अब तक लाखों श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि सभी लोग सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकें.
जहां अमरनाथ यात्रा दोबारा शुरू हो गई है, वहीं माता वैष्णो देवी यात्रा अभी भी स्थगित है. खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला बरकरार रखा है. अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा दोबारा शुरू होने से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करें और मौसम संबंधी सलाह का पालन करें.