COVID-19: कोरोना वायरस की आहट एक बार फिर डराने लगी है. सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में कोरोना के JN.1 वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है. एक ही हफ्ते में 31 लोगों की जान चली गई है. वहीं भारत में भी यह वैरिएंट धीरे-धीरे पांव पसार रहा है. अब तक देश में 257 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं.
FPJ (The Free Press Journal) की रिपोर्ट के मुताबिक, JN.1 वैरिएंट तेजी से फैलने वाला नया म्यूटेशन है, जो ओमिक्रॉन परिवार से जुड़ा है, लेकिन इससे होने वाला संक्रमण कई मामलों में तेज और खतरनाक बताया जा रहा है.
डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह वैरिएंट हल्के लक्षणों के साथ आता है, लेकिन लापरवाही जानलेवा हो सकती है. इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है.
JN.1 ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है, जो पहले के स्ट्रेन्स से थोड़ा अलग है. इसमें वायरस के स्पाइक प्रोटीन में बदलाव हुआ है, जिससे यह शरीर में तेजी से फैलता है और इम्यूनिटी को चकमा देता है. WHO ने इसे "वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट" की श्रेणी में रखा है.
FPJ की रिपोर्ट और विशेषज्ञों के अनुसार, इस वैरिएंट के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं:
भारत में 19 मई तक 257 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से ज्यादातर केस केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में दर्ज किए गए हैं. सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है और टेस्टिंग तेज की जा रही है.
डरने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है. JN.1 फिलहाल ज़्यादातर मामलों में माइल्ड इन्फेक्शन दे रहा है, लेकिन बुजुर्ग, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह गंभीर हो सकता है. इसलिए लक्षणों को हल्के में न लें.