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Axiom 4 Mission: 'धरती से दूर मगर दिल से करीब', अंतरिक्ष जाने से पहले शुभांशु शुक्ला ने पत्नी के नाम लिखा इमोशनल नोट

कामना और शुभांशु की मुलाकात लखनऊ के एक प्राथमिक विद्यालय में हुई थी. कामना ने बताया, 'वह हमारी कक्षा का सबसे शर्मीला लड़का था, जिसे मैं ‘गुंजन’ नाम से जानती थी. आज वही दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुका है.'

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Edited By: Reepu Kumari
Axiom 4 Mission: 'धरती से दूर मगर दिल से करीब', अंतरिक्ष जाने से पहले शुभांशु शुक्ला ने पत्नी के नाम लिखा इमोशनल नोट
Courtesy: Social Media

Axiom 4 Mission: भारत के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो अब एक्सिओम-4 (Ax-4) मिशन के साथ अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरने वाले हैं, एक ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने जा रहे हैं. यह मिशन केवल तकनीकी या वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि भावनाओं, रिश्तों और प्रेरणा की भी एक सशक्त कहानी है. नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए जब वह अंतरिक्ष के लिए रवाना होंगे, तो उनके साथ एक निजी भावना भी जुड़ी होगी जो है उनकी पत्नी कामना के लिए लिखा गया एक भावुक संदेश.

इस मिशन में भारत के साथ-साथ पोलैंड और हंगरी भी भाग ले रहे हैं. 40 वर्षों में पहली बार इन देशों के लिए यह सरकारी स्तर पर प्रायोजित मानव अंतरिक्ष मिशन है. लेकिन इस गौरवपूर्ण क्षण में भी शुभांशु ने अपनी पत्नी और परिवार को नहीं भुलाया. उन्होंने इंस्टाग्राम पर कामना के लिए लिखा कि इनमें से कुछ भी मायने नहीं रखता अगर तुम साथ न होतीं. यह संदेश लाखों लोगों के दिलों को छू गया.

Ax-4 मिशन की प्रमुख झलकियां और शुभांशु की भावनात्मक उड़ान

 शुभांशु के नेतृत्व में ऐतिहासिक मिशन

Ax-4 मिशन के तहत फाल्कन 9 रॉकेट से स्पेसएक्स ड्रैगन यान द्वारा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर रवाना होगी टीम. शुभांशु भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में नया अध्याय जोड़ेंगे.

 पत्नी के नाम भावुक विदाई संदेश

शुभांशु ने इंस्टाग्राम पर लिखा, '25 जून को इस ग्रह को छोड़ने से पहले, मैं कामना का खास धन्यवाद करना चाहता हूं… आपके बिना यह सब संभव नहीं था.' उन्होंने कांच की दीवार से विदाई लेते हुए तस्वीर भी साझा की.

तीसरी कक्षा से आज तक साथ

कामना और शुभांशु की मुलाकात लखनऊ के एक प्राथमिक विद्यालय में हुई थी. कामना ने बताया, "वह हमारी कक्षा का सबसे शर्मीला लड़का था, जिसे मैं ‘गुंजन’ नाम से जानती थी. आज वही दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुका है."

भारत के अंतरिक्ष अभियान को मिलेगी रफ्तार

यह मिशन इसरो के गगनयान कार्यक्रम की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो 2027 में भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय की लैंडिंग का लक्ष्य रखता है.