नई दिल्ली: कनाडा के ब्रम्पटन शहर में एक बार फिर गोलीबारी की घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासन और लोगों में चिंता बढ़ा दी है. इस घटना की जिम्मेदारी कथित तौर पर कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और गोल्डी बरार गिरोह ने ली है. पिछले दो दिनों के भीतर यह दूसरी ऐसी वारदात है, जिससे साफ है कि गैंग की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं.
बताया जा रहा है कि इस हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है. गिरोह से जुड़े महेंद्र डेलाना और सनी यामा नाम के व्यक्तियों ने एक पोस्ट के जरिए इस फायरिंग की जिम्मेदारी स्वीकार की है. उन्होंने दावा किया कि यह हमला विपेन चौसर नामक व्यक्ति के घर के बाहर किया गया.
पोस्ट में आरोप लगाया गया कि संबंधित व्यक्ति उनके दुश्मनों का समर्थन कर रहा था. इसी कारण उसे चेतावनी देने के उद्देश्य से यह फायरिंग की गई. संदेश में साफ तौर पर धमकी दी गई कि अगर उसने अपना व्यवहार नहीं बदला, तो अगली बार हमला और गंभीर हो सकता है. यहां तक कहा गया कि भविष्य में गोलीबारी घर के अंदर भी हो सकती है.
Canada - A fresh wave of gang-related violence has rocked Canada, with the notorious Rohit Godara gang once again claiming responsibility for a shooting incident. A viral video showing the firing has emerged online, accompanied by a brazen Facebook post where a gang member took… pic.twitter.com/U3pfcbIXY2
— NextMinute News (@nextminutenews7) March 23, 2026Also Read
आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि सुधर जाना वरना अगली बार गोली घर के बाहर नहीं, घर के अंदर तेरे और तेरे परिवार पर चल सकती है. आरोपियों ने आगे कहा कि कान खोल कर सुन लेना जो भी हमारे दुश्मनों का समर्थन करेगा, उसका नाम भी हमारे दुश्मनों की लिस्ट में होगा.
इससे पहले भी एक दिन पहले कनाडा में इसी तरह की फायरिंग की घटना सामने आई थी. उस वारदात की जिम्मेदारी भी इसी गिरोह से जुड़े लोगों ने ली थी. दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर यह संकेत देता है कि गैंग अपने प्रभाव को दिखाने की कोशिश कर रहा है.
सोशल मीडिया पर जारी संदेश में यह भी कहा गया कि यह हमला उनकी पहुंच और क्षमता का संकेत देने के लिए किया गया है. और साथ ही 24 घंटे के भीतर प्रतिक्रिया न मिलने पर स्थिति और बिगड़ने की चेतावनी दी गई है. इस तरह की धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.
स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने कनाडा में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.