Sheikh Shahjahan arrested in Sandeshkhali case: संदेशखाली में तनाव के बीच टीएमसी नेता शेख शाहजहां को पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया. शाहजहां को उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखान से गिरफ्तार किया गया. उसे आज दोपहर 2 बजे बशीरहाट कोर्ट में पेश किया जाएगा. शाहजहां एक महीने से अधिक समय से राज्य और केंद्रीय एजेंसियों की गिरफ्तारी से बच रहा था और वह 55 दिन से फरार था.
इस महीने टीएमसी के कद्दावर नेता शाहजहां शेख के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. संदेशखाली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शाजहान शेख और उनके करीबी सहयोगियों पर जबरदस्ती जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. बीते दिनों संदेशखाली विवाद पर दायर याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा था कि संदेशखाली मामले में शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है और उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
1- शाहजहां शेख संदेशखाली में महिलाओं के साथ कथित गैंगरेप और यौन शोषण का आरोपी है. राशन घोटाले में नाम सामने आने के बाद ED को उसकी तलाशी ली थी. टीएमसी नेता शेख शाहजहां के घर पर जब छापेमारी चल रही थी तब तृणमूल कांग्रेस नेता के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ईडी अधिकारियों पर हमला किया और उनकी कारों में तोड़फोड़ की थी.
2- ईडी की टीम पर हमले के बाद ही शाहजहां शेख के कांड की खबर सामने आई, जब महिलाओं ने आरोप लगाया कि कैसे उसने और उसके समर्थकों ने महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और गरीबों की जमीनें हड़पीं.
3- शाहजहां शेख की पहचान TMC के ताकतवर नेता के तौर पर होती है. शेख शाहजहां उत्तर 24 परगना जिला परिषद के मत्स्य एवं पशु संसाधन अधिकारी होने के साथ-साथ संदेशखाली 1 के ब्लॉक अध्यक्ष भी हैं.
4- पैसा कमाने के इरादे से शाहजहां शेख ने मछली फॉर्म पर कार्मचारी के तौर पर काम किया. साल 2000 में उसने कभी कंडक्टर का काम किया तो कभी सब्जियां बेची. इसके अलावा ईंट भट्ठे पर भी काम किया.
5- नॉर्थ 24 परगना जिले में कई मछली फार्म पर उसका कब्जा है तो कई ईंट भट्टों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का मालिकाना हक उसके पास है.
6- शाहजहां शेख के चाचा मोस्लेम शेख संदेशखाली में CPM के बड़े ताकतवर नेता थे. वो पंचायत प्रमुख भी रह चुके थे. चाचा की बदौलत ही शाहजहां की सियासत में एंट्री लेकर अपनी पैठ बनाई.
7- चाचा की देखरेख में शाहजहां ने पहले मछली का कारोबार संभाला और उसके बाद सियासत में अपनी पहचान बनाने के साथ काला साम्राज्य खड़ा किया.
8- शेख शाहजहां को उसके इलाके में स्थानीय लोग शाहजहां भाई या संदेशखाली का भाई के नाम से बुलाते हैं. रॉबिनहुड की इमेज रखने वाला शेख शाहजहां की दबंगई का आलम ऐसा है कि उसने काले कारोबार के जरिये बेनामी संपत्ति की साम्राज्य खड़ा कर दिया.
9- चुनावी हलफनामे में शेख ने अपनी वार्षिक आमदनी 20 लाख रुपये बताया है. उसके पास 17 कार के साछ 43 बीघा जमीन और दो करोड़ रुपये से अधिक के गहने हैं. उसके बैंक खातों में करीब दो करोड़ रुपये जमा हैं.
10- शाहजहां शेख अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत में TMC राष्ट्रीय महासचिव मुकुल रॉय और उत्तर 24 परगना टीएमसी जिला अध्यक्ष ज्योतिप्रियो मलिक का करीबी रहा. जब ज्योतिप्रियो मलिक को ममता सरकार का मंत्री बनाया गया तो शाहजहां शेख की सियासी रसूख बढ़ता ही गया. जिसका उसने समय-समय पर नाजायज फायदा उठाया.
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बीजेपी के लगातार आंदोलन के कारण ममता बनर्जी सरकार कार्रवाई करने के लिए मजबूर हुई. सरकार इनकार की मुद्रा में थी. वे यह भी स्वीकार नहीं कर रहे थे कि ऐसा कुछ हुआ था. मैंने पहले ही कहा था कि हम सरकार को शेख शाहजहां को गिरफ्तार करने के लिए मजबूर करेंगे. आज बीजेपी और संदेशखाली की महिलाओं के आंदोलन के कारण सरकार और ममता बनर्जी शेख शाहजहां को गिरफ्तार करने के लिए मजबूर हुई हैं."