तमिलनाडु की राजनीति में 4 मई का दिन एक बड़े उलटफेर के रूप में दर्ज हो गया. लंबे समय से कोलाथुर सीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले एमके स्टालिन को इस बार जनता ने नकार दिया. यह मुकाबला केवल दो दलों के बीच नहीं था, बल्कि यह प्रतिष्ठा, अनुभव और बदलते जनमत का संघर्ष बन चुका था. कोलाथुर सीट पर हार के बहा स्टालिन भावुक हो गए. सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो रहा है.
कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र को वर्षों से एमके स्टालिन का गढ़ माना जाता रहा है. 2011 से लगातार इस सीट पर उनकी पकड़ मजबूत रही थी लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई. मतदाताओं ने अपने फैसले से साफ संकेत दिया कि अब वे नए विकल्प तलाश रहे हैं. तीन तरफा मुकाबले में वोटों का बंटवारा हुआ, लेकिन इसका सबसे बड़ा असर मुख्यमंत्री की स्थिति पर पड़ा. यह हार केवल एक सीट का नुकसान नहीं, बल्कि बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत भी मानी जा रही है.
#MKStalin is emotional 🥲 almost in tears as he departs Anna Arivalayam after his ruling political party #DMK loses to a 2-year old party #TVK Yenda Indha #Vijay Thottom Ninachu Ninachu feel panna poringa becomes REAL 🥹 pic.twitter.com/dGuWt96Ovb
— Movies Singapore (@MoviesSingapore) May 4, 2026
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा बीएस बाबू की जीत को लेकर हो रही है. बाबू का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. पहले वह डीएमके से जुड़े रहे, फिर अलग होकर दूसरी पार्टियों में गए और अंत में टीवीके से जुड़कर स्टालिन को ही पटखनी दे दी. चुनाव से ठीक पहले उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ अपनी जीत की बात कही थी, उसे शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था लेकिन नतीजों ने दिखा दिया कि उनका दावा केवल बयान नहीं था, बल्कि जमीनी हकीकत पर आधारित था.
कोलाथुर में अपनी सीट गंवाने के बाद स्टालिन भावुक हो गए. यह पल वहां उपस्थित मीडिया के कैमरों में कैद हो गया और अब उनका यह वीडियो वायरल हो रहा है. जहां कई समर्थकों ने इसे एक संवेदनशील पल बताया, वहीं विरोधियों ने इसे बदलते समय का संकेत माना.
तमिलनाडु में टीवीके की चली आंधीं
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके की ऐसी आंधी चली कि सारे आंकेड़े धराशायी हो गए. चुनावों से पहले माना जा रहा था कि विजय की पार्टी केवल वोट कटवा सावित होगी लेकिन उसने सभी को चौंकाते हुए सबसे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की. हालांक वह बहुत के आंकड़े से दूर रहे गई. बहुमत ना मिलने की स्थिति में टीवीके के सामने सरकार बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है.