नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन के समय को लेकर सवाल उठाया है. आगामी 2024 लोकसभा चुनाव से पहले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने दावा किया कि यह कार्यक्रम विशुद्ध रूप से धार्मिक नहीं है और इसमें अलग-अलग राजनीतिक निहितार्थ हैं. आगामी आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए मंदिर का उद्घाटन निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही किया जा रहा है.
टीएस सिंह देव ने अपने बयान में आगे कहा "अगर यह प्राण प्रतिष्ठा पूरी तरह से धार्मिक होता तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन यह पूरी तरह से राजनीतिक है. बीजेपी को मंदिर निर्माण पूरा होने से पहले पहले 22 जनवरी को औपचारिक समारोह क्यों आयोजित करना पड़ा? यह सब लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. यह कार्यक्रम 22 जनवरी को क्यों निर्धारित किया गया? यह चुनाव नजदीक आने पर क्यों किया जा रहा है? लोगों को इसी पर आपत्ति है. भगवान राम पर किसी को आपत्ति नहीं है."
#WATCH | Delhi: On Ram Temple 'Pran Pratishtha' event, 'Former Chhattisgarh Dy CM TS Singh Deo says, " If this was purely religious then nobody would have had any objection but this is totally political... why are you (BJP) doing 'Pran Pratishtha' before completion of the Temple… pic.twitter.com/ybnPurkafW
— ANI (@ANI) January 11, 2024Also Read
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में जाने से कांग्रेस हाईकामन ने इनकार कर दिया है, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन समेत सभी कांग्रेस नेता इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे. कांग्रेस पार्टी का मानना है कि यह कार्यक्रम बीजेने राजनीतिक लाभ के लिए आयोजित किया है.
अयोध्या में रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए वैदिक अनुष्ठान 16 जनवरी को शुरू होगा. वाराणसी के वैदिक विद्वान लक्ष्मी कांत दीक्षित 22 जनवरी को राम लला के अभिषेक समारोह का मुख्य अनुष्ठान करेंगे. 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का अति सूक्ष्म मुहूर्त निकाला गया है. जो 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक होगा. मध्याह्न काल में मृगशिरा नक्षत्र में 84 सेकेंड के मुहूर्त में प्रधानमंत्री मोदी रामलला के विग्रह की आंखों में बंधी पट्टी यानी दिव्य दृष्टि खोलने के बाद काजल व टीका लगाने के साथ-साथ भगवान रामलला की महाआरती करेंगे.