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विज्ञान श्री पुरस्कार से सम्मानित हुए वैज्ञानिक जयन एन, ISRO के इस प्रमुख प्रोजेक्ट में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जयन एन को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विज्ञान श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. जयन वर्तमान में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) में नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं और पहले लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर में उप निदेशक रह चुके हैं.

Kanhaiya Kumar Jha
विज्ञान श्री पुरस्कार से सम्मानित हुए वैज्ञानिक जयन एन, ISRO के इस प्रमुख प्रोजेक्ट में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: भारत के अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जयन एन को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विज्ञान श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह पुरस्कार उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के तहत विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) में नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में उनके अद्वितीय कार्य के लिए दिया गया.

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, जयन ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में नेतृत्व किया है. इससे पहले वह लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर में उप निदेशक के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने जीएसएलवी (GSLV) कार्यक्रम में भारत के पहले स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन के डिजाइन और विकास में अहम भूमिका निभाई. विशेष रूप से, उन्होंने CE-20 क्रायोजेनिक इंजन विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व किया, जो जीएसएलवी एमके III (LVM3) लॉन्च वाहन को शक्ति प्रदान करता है. यह लॉन्च वाहन आज तक भारत का सबसे शक्तिशाली रॉकेट माना जाता है.

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार का हिस्सा माना जाता है ये पुरुस्कार

विज्ञान श्री पुरस्कार उनके तरल प्रणोदन प्रणालियों और विभिन्न प्रक्षेपण वाहनों के लिए किए गए असाधारण योगदान को मान्यता देता है. इस पुरस्कार को राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार का हिस्सा माना जाता है और इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शीर्ष राष्ट्रीय सम्मानों में से एक के रूप में देखा जाता है. यह पुरस्कार 2023 में शुरू किया गया था और इसे देश के वैज्ञानिक समुदाय में उच्च सम्मान के रूप में माना जाता है.

तिरुवनंतपुरम से हुई थी शिक्षा की शुरुआत

जयन एन ने अपनी शिक्षा की शुरुआत तिरुवनंतपुरम के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.एस. डिग्री से की. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री प्राप्त की और स्वर्ण पदक से स्नातक किए. अपने करियर में उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी अर्जित किए हैं, जिनमें एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया का स्पेस गोल्ड मेडल और कई इसरो टीम पुरस्कार शामिल हैं.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह सम्मान केरल और पूरे भारत के अंतरिक्ष विज्ञान समुदाय के लिए गर्व का क्षण है. जयन एन की मेहनत और उत्कृष्ट नेतृत्व ने न केवल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने हैं. उनके योगदान से भारत ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक मान्यता प्राप्त की है और देश की अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत किया है.

इस सम्मान के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वैज्ञानिकों की मेहनत और नवाचार ही देश को अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का आधार हैं. जयन एन का यह पुरस्कार भविष्य में और भी वैज्ञानिकों को प्रेरित करने का कार्य करेगा और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ेगा.