नई दिल्ली: केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला अयप्पा मंदिर से जुड़े सोना चोरी मामले ने एक बार फिर श्रद्धालुओं और प्रशासन को झकझोर दिया है. विशेष जांच दल ने लगातार कार्रवाई करते हुए अब मंदिर के तांत्रिक कंदारारू राजीव्वारू को गिरफ्तार किया है. इससे पहले मुख्य पुजारी की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच में सामने आ रहा है कि मंदिर के पवित्र ढांचे से जुड़े सोने के कार्य में गंभीर अनियमितताएं हुईं, जिनकी जानकारी होते हुए भी उन्हें नजरअंदाज किया गया.
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने शुक्रवार को दूसरी बड़ी गिरफ्तारी करते हुए तांत्रिक कंदारारू राजीव्वारू को हिरासत में लिया. यह गिरफ्तारी मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी की गिरफ्तारी के बाद हुई है. SIT का कहना है कि दोनों के बीच करीबी संबंध थे और इसी कारण कई अहम फैसले बिना लिखित अनुमति के लिए गए. इस कार्रवाई ने मंदिर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
जांच एजेंसी के अनुसार, तांत्रिक राजीव्वारू ने मंदिर के द्वारपालक और श्रीकोविल के दरवाजों की सोने की प्लेटों को परिसर से बाहर ले जाकर रीप्लेटिंग कराने की मौन सहमति दी. यह प्रक्रिया मंदिर के अनुष्ठानिक नियमों के विरुद्ध थी. आरोप है कि उन्होंने इस उल्लंघन की रिपोर्ट नहीं की और प्रक्रिया को सहज बनाने में भूमिका निभाई.
SIT की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 में द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल के फ्रेम की सोने की प्लेटों की रीप्लेटिंग कराई गई थी. इस दौरान कितनी मात्रा में सोना हटाया गया या बदला गया, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है. जांच एजेंसी का मानना है कि इसी प्रक्रिया में मंदिर के सोने की हेराफेरी हुई, जिसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को थी.
यह पूरा मामला केरल हाई कोर्ट के निर्देश पर गठित SIT द्वारा जांचा जा रहा है. अब तक इस केस में 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. तांत्रिक राजीव्वारू को कोल्लम विजिलेंस कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अदालत ने जांच की गंभीरता को देखते हुए आगे भी सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. कोच्चि जोनल ऑफिस ने PMLA के तहत ECIR दाखिल की है. ED अब यह जांच करेगी कि क्या सोने की हेराफेरी से अपराध की कमाई हुई. यदि सबूत मिले, तो आरोपियों की संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं. सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी.