नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल तेजी से गर्माता जा रहा है. ईडी की छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में शक्ति प्रदर्शन किया. उन्होंने केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. रैली के दौरान ममता ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो वह कथित कोयला घोटाले से जुड़े सबूत सार्वजनिक करेंगी. यह बयान राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है.
एक दिन पहले ईडी ने तृणमूल कांग्रेस से जुड़े पॉलिटिकल कंसल्टेंट आई पैक के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की. इसके विरोध में ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में विशाल रैली निकाली. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही केंद्र सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्ष को डराना चाहती है. ममता ने कहा कि यह कार्रवाई लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है.
रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि उनके पास एक पेन ड्राइव है, जिसमें कथित कोयला घोटाले से जुड़ी अहम जानकारियां हैं. ममता ने कहा कि वह अपने पद की मर्यादा के कारण अब तक चुप हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन पर और उनकी सरकार पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाला गया तो वह सब कुछ देश के सामने रख देंगी.
ममता बनर्जी ने कहा कि यह विरोध केवल एक छापेमारी के खिलाफ नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार के अन्याय और अपमान के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तक कथित घोटाले की रकम पहुंची है. जरूरत पड़ने पर वह इसके सबूत जनता के सामने पेश करेंगी. ममता ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के शब्दों का हवाला देते हुए कहा कि अब सड़क ही उनका जवाब है.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ईडी की कार्रवाई का असली मकसद उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति और गोपनीय दस्तावेजों को जब्त करना था. उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है. ममता का दावा है कि केंद्रीय एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस की संवेदनशील चुनावी जानकारी को स्थानांतरित किया. उनके मुताबिक यह सीधा राजनीतिक हस्तक्षेप है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जाधवपुर के 8 बी बस स्टैंड से शुरू हुआ मार्च दक्षिण कोलकाता के कई इलाकों से गुजरते हुए हाजरा मोड़ पर समाप्त हुआ. सड़कों पर हजारों समर्थक मौजूद रहे. झंडे, नारे और ढोल के साथ पूरा इलाका गूंज उठा. ममता के साथ वरिष्ठ मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास, सांसद, विधायक और अभिनेता देव भी शामिल हुए. ममता ने कहा कि केंद्र के दबाव के खिलाफ यह संघर्ष जारी रहेगा.