नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त घमासान मच गया, जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने लातूर की एक रैली में पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की विरासत को लेकर टिप्पणी की. इस बयान पर विलासराव देशमुख के बेटे और अभिनेता रितेश देशमुख ने तीखी लेकिन भावुक प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस नेताओं ने भी बयान को अपमानजनक बताया. विवाद बढ़ने पर चव्हाण ने सफाई देते हुए माफी मांगी और विकास के मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही.
दरअसल, सोमवार को लातूर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए रवींद्र चव्हाण ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह इस बात का संकेत है कि पार्टी क्षेत्र में मजबूत स्थिति में है. इसी दौरान उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादें अब लातूर में असर नहीं रखेंगी. उनके इस बयान को कांग्रेस नेताओं ने दिवंगत नेता का अपमान बताया.
चव्हाण की टिप्पणी के बाद अभिनेता रितेश देशमुख ने एक वीडियो संदेश जारी किया. उन्होंने कहा कि जो नेता लोगों के लिए जीते हैं, वे लोगों के दिलों में बस जाते हैं. रितेश ने कहा कि कागज़ पर लिखा हुआ मिटाया जा सकता है, लेकिन दिलों में बनी जगह को कोई नहीं मिटा सकता. उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.
कांग्रेस ने बीजेपी नेता की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की. पार्टी नेताओं ने कहा कि विलासराव देशमुख ने अपना जीवन महाराष्ट्र और लातूर के विकास के लिए समर्पित किया था. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान सत्ता के अहंकार को दिखाते हैं. पार्टी का कहना था कि लातूर के लोगों के दिलों से देशमुख की यादों को कोई नहीं मिटा सकता.
पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने भी बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि इन टिप्पणियों से लातूर के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. अमित ने कहा कि उनके पिता ने हर वर्ग के लोगों के जीवन को छुआ था और उनकी विरासत गहराई से लोगों के दिलों में बसी है.
विवाद बढ़ने के बाद रवींद्र चव्हाण ने कहा कि उनके बयान का राजनीतिक मकसद नहीं था. उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने विलासराव देशमुख की आलोचना नहीं की है. चव्हाण ने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं. उन्होंने जोर दिया कि स्थानीय चुनावों में विकास और नागरिक सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए.