Parliament Monsoon Session: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार दोपहर राज्यसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा के दौरान पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि भारत पर हुए गंभीर आतंकी हमलों के बाद तत्कालीन सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता उसकी राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और असंवेदनशीलता को दर्शाती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नड्डा ने दोपहर 3 बजे राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि वर्ष 2005 में दिल्ली, 2006 में वाराणसी और मुंबई लोकल ट्रेन विस्फोट जैसे बड़े आतंकी हमलों के बाद भी यूपीए सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. नड्डा ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह सशस्त्र बलों को दिशा देता है. उन्होंने यूपीए शासन को गैर-प्रतिक्रियाशील और निष्क्रिय करार दिया.
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "...उरी सर्जिकल स्ट्राइक की बात करें तो...1947 के बाद यह पहली बार था कि भारतीय प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा कि (उरी) हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा...और तीन दिनों के भीतर सर्जिकल स्ट्राइक की गईं और आतंकी ठिकानों को नष्ट… pic.twitter.com/9NpiSAWRRB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 30, 2025Also Read
जेपी नड्डा ने पाकिस्तान के साथ उस समय भी जारी रहे व्यापार और पर्यटन संबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि जब देश पर आतंकी हमले हो रहे थे, तब भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार और पर्यटन चलता रहा. यह दिखाता है कि उस समय सरकार में आतंकवाद से निपटने की गंभीरता की कमी थी.
उन्होंने कहा कि आज जब भारत की सीमा पार से सुरक्षा को चुनौती मिलती है, तो जवाब "ऑपरेशन सिंदूर" जैसा निर्णायक होता है. सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हर पहलू पर तेज, कठोर और जवाबदेह कार्रवाई हो.
बाद में शाम 4 बजे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ऑपरेशन सिंदूर पर राज्यसभा में चर्चा में भाग लिया और सरकार के रुख को स्पष्ट किया.
राज्यसभा में चल रही इस बहस के दौरान भाजपा सरकार ऑपरेशन सिंदूर को भारत की राष्ट्र सुरक्षा पर सख्त नीति के रूप में प्रस्तुत कर रही है. वहीं विपक्ष पर आरोप है कि उन्होंने अपने शासनकाल में ऐसे हमलों के बावजूद देश को निर्णायक नेतृत्व से वंचित रखा. जेपी नड्डा की यह टिप्पणी इस समय महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब भारत वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख के लिए अपनी छवि बना रहा है.