देश की आंतरिक सुरक्षा और जांच एजेंसियों के लिए गर्व का क्षण सामने आया है. 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के छह वरिष्ठ अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 25 अन्य अधिकारियों व कर्मियों को सम्मानित किया गया है. इन सम्मानों की घोषणा शुक्रवार को की गई, जिसे गृह मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी किया.
इस वर्ष की सम्मान सूची में कुल 982 पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवाओं के कर्मी शामिल हैं. जिन्हें वीरता, अनुकरणीय और सराहनीय सेवा के लिए चुना गया है. CBI अधिकारियों की उल्लेखनीय संख्या यह दर्शाती है कि जटिल जांचों, भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों और तकनीकी दक्षता में एजेंसी की भूमिका लगातार मजबूत हुई है.
असाधारण और लंबे समय तक उत्कृष्ट सेवा के लिए दिए जाने वाले राष्ट्रपति पदक से जिन छह CBI अधिकारियों को सम्मानित किया गया है, उनमें दिल्ली ज़ोन के प्रमुख चंद्रशेखर वेणुपीलई, CBI मुख्यालय में तैनात पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश शर्मा, कोलकाता स्थित विशेष इकाई के सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार यति, गाजियाबाद CBI अकादमी के सहायक सब-इंस्पेक्टर चमन लाल और हैदराबाद ACB के हेड कांस्टेबल रामू गोल्ला शामिल हैं.
कर्तव्य के प्रति समर्पण और निरंतर उत्कृष्ट कार्य के लिए दिए जाने वाले पुलिस पदक (MSM) से देश भर की विभिन्न इकाइयों में तैनात 25 CBI कर्मियों को सम्मान मिला है. इस सूची में IPS अधिकारी, उप महानिरीक्षक, विधिक सलाहकार, DSP, इंस्पेक्टर, तकनीकी विशेषज्ञ, कार्यालय अधीक्षक से लेकर कांस्टेबल स्तर तक के कर्मी शामिल हैं. यह विविधता बताती है कि CBI का हर स्तर राष्ट्रीय सुरक्षा और न्याय प्रणाली में अहम भूमिका निभा रहा है.
इस साल 125 वीरता पुरस्कार घोषित किए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक सम्मान जम्मू-कश्मीर में तैनात कर्मियों को मिला है. इसके बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और पूर्वोत्तर में सेवा दे रहे सुरक्षाकर्मियों का स्थान रहा. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 33 पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस भी अग्रणी रही. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में CRPF को सभी 12 CAPF वीरता पुरस्कार मिले. इन सम्मानों की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस परेड की तैयारियों में जुटी है.