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India Daily

भोपाल त्रासदी से इंदिरा गांधी तक, अपनी तस्वीरों से छाप छोड़ने वाले दिग्गज फोटोग्राफर रघु राय का 83 वर्ष की उम्र में निधन

भारत के प्रसिद्ध फोटोग्राफर रघु राय का रविवार को 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. भोपाल गैस त्रासदी, इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा जैसे विषयों पर उनकी तस्वीरें विश्व प्रसिद्ध हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
भोपाल त्रासदी से इंदिरा गांधी तक, अपनी तस्वीरों से छाप छोड़ने वाले दिग्गज फोटोग्राफर रघु राय का 83 वर्ष की उम्र में निधन
Courtesy: @shailfilm

नई दिल्ली: कुछ लोग इस दुनिया से भले ही चले जाएं लेकिन उनके अच्छे काम हमेशा ही सबके दिलों में उन्हें जिंदा रखता है. भारतीय फोटोग्राफी की दुनिया में एक युग का अंत हो गया है. दिग्गज फोटो पत्रकार रघु राय रविवार को 83 वर्ष की उम्र में इस दुनिया से चले गए. उनके परिवार ने इस दुखद खबर की पुष्टि उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए की.  

रघु राय को भारतीय फोटोग्राफी का जनक माना जाता था. उन्होंने अपने कैमरे से देश की कई बड़ी घटनाओं और प्रमुख हस्तियों को अमर बना दिया. उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे दिल्ली के लोधी श्मशान घाट में किया जाएगा.

भोपाल त्रासदी की तस्वीर ने जगाया विश्व का ध्यान

रघु राय की सबसे चर्चित तस्वीरों में भोपाल गैस त्रासदी की वह फोटो शामिल है जिसमें एक मासूम बच्चे का निर्जीव शरीर दिखता है. इस तस्वीर ने पूरी दुनिया को भोपाल की त्रासदी की भयावहता दिखाई और कॉरपोरेट जिम्मेदारी पर वैश्विक बहस शुरू कर दी. उनकी तस्वीरें सिर्फ फोटो नहीं, बल्कि इतिहास के जीवंत दस्तावेज बनी रहीं.

इंदिरा गांधी और मदर टेरेसा को कैमरे में उतारा

रघु राय ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन के कई महत्वपूर्ण पलों को कैद किया. इसके अलावा उन्होंने मदर टेरेसा पर भी बेहतरीन फोटोग्राफी की. संत घोषित होने से पहले ही उन्होंने 'Saint Mother' नाम से उनकी किताब प्रकाशित की थी. उनकी तस्वीरों में इन महान व्यक्तित्वों की सच्ची छवि दिखती थी.

पांच दशक लंबा शानदार करियर

1942 में अविभाजित भारत के झंग में जन्मे रघु राय ने 1962 में फोटोग्राफी को अपना पेशा चुना. उन्होंने 'द स्टेट्समैन' से शुरुआत की और बाद में 'इंडिया टुडे' के साथ लंबे समय तक काम किया. वे दुनिया की मशहूर फोटोग्राफी संस्था 'मैग्नम फोटोज' के सदस्य बनने वाले शुरुआती भारतीय फोटोग्राफरों में शामिल थे.

18 किताबें और पद्म श्री सम्मान

रघु राय को वर्ष 1971 में पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया था. अपने जीवन में उन्होंने 18 से ज्यादा किताबें लिखीं और प्रकाशित कीं. उनकी फोटोग्राफी ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में फोटो पत्रकारिता को नई दिशा दी. उनकी मौत से फोटोग्राफी जगत को बड़ा नुकसान पहुंचा है.