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Ram Mandir Trust: अब इस रिटायर्ड एयर मार्शल के हाथ में बड़ी जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं जितेंद्र मिश्रा

राम मंदिर ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया CEO नियुक्त किया है. मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न कमांड संभाल चुके हैं और लंबा सैन्य अनुभव रखते हैं.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
Ram Mandir Trust: अब इस रिटायर्ड एयर मार्शल के हाथ में बड़ी जिम्मेदारी, जानिए कौन हैं जितेंद्र मिश्रा
Courtesy: ANI

राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नए CEO की जिम्मेदारी सौंपी है. मिश्रा का सैन्य करियर बेहद लंबा और अनुभव से भरा रहा है. उन्होंने वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व किया और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अहम जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं. अब उनकी नई भूमिका अयोध्या से जुड़ी है.

वेस्टर्न एयर कमांड की संभाल चुके हैं कमान

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना से रिटायर हुए हैं. उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में जिम्मेदारी निभाई. इससे पहले वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में ऑपरेशन्स के डिप्टी चीफ रहे. वह डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन और ट्रेनिंग से जुड़े विभाग में भी डिप्टी चीफ की भूमिका निभा चुके हैं.

देश की प्रमुख सैन्य अकादमियों से ली ट्रेनिंग

मिश्रा ने नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल से शिक्षा हासिल की. उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल और एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा में भी प्रशिक्षण लिया. इसके अलावा वह रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के पूर्व छात्र रहे हैं. इन संस्थानों का अनुभव उनके सैन्य करियर का अहम हिस्सा रहा.

38 साल से ज्यादा का शानदार सैन्य करियर

जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था. 38 साल से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 3000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी. इस दौरान उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए. उनका अनुभव उन्हें वायुसेना के अनुभवी अधिकारियों में शामिल करता है.

कारगिल युद्ध में निभाई थी अहम भूमिका

स्क्वाड्रन लीडर रहते हुए मिश्रा उस टीम का हिस्सा थे, जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज 2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाया था. बाद में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान इन्हीं बमों का इस्तेमाल टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर किए गए चर्चित हमलों में हुआ था. अब राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी नई जिम्मेदारी पर नजर रहेगी.