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'हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा घोषित करो...', समझिए हाई कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा, इस घोषणा से क्या बदलेगा?

Declare Heatwave As Natural Calamity: भयंकर गर्मी के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए राजस्थान हाई कोर्ट ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं. निर्देशों के मुताबिक, प्रशासन द्वारा लोगों को हीटवेव से बचाने के लिए हीट एक्शन प्लान के तहत विभिन्न समितियां बनाने का निर्देश दिया है.

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'हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा घोषित करो...', समझिए हाई कोर्ट ने ऐसा क्यों कहा, इस घोषणा से क्या बदलेगा?
Courtesy: Social Media

Declare Heatwave As Natural Calamity: देश भर में हो रही भयंकर गर्मी से लोग बेहद परेशान हैं. हीटवेव के प्रकोप के चलते लोगों की जान जा रही है. इस बीच भीषण गर्मी को देखते हुए राजस्थान हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. हाई कोर्ट ने कहा कि हीटवेव और शीत ऋतु को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया जाना चाहिए.राजस्थान सरकार के आकंड़ों के मुताबिक, हीटवेव के कारण पांच लोगों की मौत हो चुकी है. न्यायमूर्ति अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने कहा है कि गर्मी और शीतलहर को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का समय आ गया है.

उन्होंने राज्य सरकार को गर्मी और शीतलहर के कारण मरने वाले लोगों के आश्रितों को मुआवजा देने का आदेश दिया है. साथ ही राज्य के मुख्य सचिव को राजस्थान जलवायु परिवर्तन परियोजना के तहत तैयार 'हीट एक्शन प्लान' के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तत्काल और उचित कदम उठाने के लिए विभिन्न विभागों की समितियां गठित करने का निर्देश दिया है.


आम जनता को बचाने के लिए नहीं उठाए जाते कदम 

कोर्ट ने कहा देश भर में भीषण गर्मी और शीत लहर के कारण बड़ी संख्या में मौतों को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है. अब समय आ गया है कि गर्मी और शीत लहर को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया जाए. 
जलवायु परिवर्तन के संबंध में प्राधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों और कार्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए न्यायालय ने कहा कि ऐसी कार्य योजनाओं का मसौदा तैयार करने के बावजूद कल्याणकारी राज्य ऐसी भीषण गर्मी की स्थिति से आम जनता को बचाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाता है. 

यह होगा बदलाव? 

कोर्ट ने इस दौरान सरकार के लिए कई दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं. यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं. कोर्ट ने अपने दिशा निर्देशों में कहा कि अधिक आवाजाही वाली सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाए. ट्रैफिक सिग्नल पर ठंडी जगह और छाया का प्रबंध किया जाए.  इसके अलावा कोर्ट ने हीटवेव रोगियों के उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी संभव सुविधाएँ सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट ने रिक्शा चालकों, खुले में काम करने वाले मजदूरों को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट का कहना है कि इन निर्देशों की मदद से गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी.