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'यह आरक्षण छीनने की कोशिश...', राहुल गांधी ने लेटरल एंट्री को लेकर मोदी सरकार पर बोला करारा हमला, SEBI से जोड़े तार

राहुल गांधी ने आगे कहा, 'मैंने हमेशा कहा है कि टॉप ब्यूरोक्रेसी समेत देश के सभी शीर्ष पदों पर वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं है, उसे सुधारने के बजाय लेटरल एंट्री द्वारा उन्हें शीर्ष पदों से और दूर किया जा रहा है. यह UPSC की तैयारी कर रहे प्रतिभाशाली युवाओं का हक मारने जैसा है'

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'यह आरक्षण छीनने की कोशिश...', राहुल गांधी ने लेटरल एंट्री को लेकर मोदी सरकार पर बोला करारा हमला, SEBI से जोड़े तार
Courtesy: social media

Delhi News: केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के जरिए अधिकारियों की भर्ती पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्‍होंने कहा क‍ि इस तरह की भर्ती करके सरकार  एससी, एसटी, और ओबीसी वर्ग का आरक्षण छीनने की कोश‍िश कर रही है.

शीर्ष पदों से वंचितों को दूर रखने की कोशिश
राहुल गांधी ने कहा, सरकार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की जगह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के जरिए अधिकारियों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रही है. राहुल गांधी ने आगे कहा, 'मैंने हमेशा कहा है कि टॉप ब्यूरोक्रेसी समेत देश के सभी शीर्ष पदों पर वंचितों का प्रतिनिधित्व नहीं है, उसे सुधारने के बजाय लेटरल एंट्री द्वारा उन्हें शीर्ष पदों से और दूर किया जा रहा है. यह UPSC की तैयारी कर रहे प्रतिभाशाली युवाओं का हक मारने जैसा है और वंचितों के आरक्षण समेत सामाजिक न्याय की परिकल्पना पर चोट है.'

सेबी का नाम लेकर हमला
लोकसभा में नेता प्रत‍िपक्ष राहुल गांधी ने सेबी का नाम लेते हुए सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता ने कहा, 'वहां पहली बार निजी क्षेत्र से आने वाले को अध्यक्ष बनाया गया है. प्रशासनिक ढांचे और सामाजिक न्याय दोनों को चोट पहुंचाने वाले इस देश विरोधी कदम का इंडिया ब्लॉक मजबूती से विरोध करेगा. ‘IAS का निजीकरण’ आरक्षण खत्म करने की ‘मोदी की गारंटी’ है.'

यह नागपुरिया मॉडल
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी लेटरल भर्ती का विरोध क‍िया. उन्होंने इसके विरोध में ट्वीट कर लिखा, 'बाबा साहेब के संविधान एवं आरक्षण की धज्जियां उड़ाते हुए सरकार सिविल सेवा कर्मियों की जगह अब संघ लोक सेवा आयोग ने निजी क्षेत्र से संयुक्त सचिव, उप-सचिव और निदेशक स्तर पर नियुक्ति के लिए सीधी भर्ती का विज्ञापन निकाला है. इसमें कोई सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकता. इसमें संविधान की ओर से मिला हुआ कोई भी आरक्षण नहीं है. यह नागपुरिया मॉडल है. बता दें कि यूपीएससी ने शनिवार को लेटेरल एंट्री के जरिए 45 पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था.