लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने देश भर में चल रहे अलग-अलग जन आंदोलनों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने के लिए 'सत्याग्रह' (Satyagraha) पोर्टल की शुरुआत की है. महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के ठीक अगले दिन शनिवार को इस डिजिटल पहल को लॉन्च किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य देश के किसी भी हिस्से में अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे लोगों और समूहों को एक साझा मंच प्रदान करना है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' और वीडियो संदेश के जरिए राहुल गांधी ने कहा कि छात्र, किसान, युवा, आदिवासी, दलित और महिलाएं अपने-अपने स्तर पर अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं. जब कोई व्यक्ति या समूह अकेला संघर्ष करता है, तो उसकी आवाज को दबाना आसान हो जाता है. 'सत्याग्रह' पोर्टल के माध्यम से इन सभी संघर्षों को एक डिजिटल नक्शे पर दर्शाया जाएगा ताकि समान मुद्दों पर लड़ने वाले लोग एक-दूसरे को देख और समझ सकें.
कहीं छात्र पेपर लीक के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 3, 2026
कहीं किसान अपनी ज़मीन के लिए लड़ रहे हैं।
कहीं आशा कार्यकर्ता महीनों से मानदेय की मांग कर रही हैं।
कहीं आदिवासी अपने जंगल बचाने के लिए खड़े हैं।
हर आंदोलन अपनी अलग लड़ाई लड़ रहा है इसलिए हर आंदोलन को लगता है कि वो अकेला है।… pic.twitter.com/7fUGEieGUo
महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बापू ने सिखाया था कि सत्य सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन सत्य के साथ एकजुट होकर खड़े होना उससे भी बड़ी ताकत है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे महज दो मिनट में पोर्टल पर जाकर अपने आंदोलन को दर्ज कराएं. रायबरेली के सांसद ने भरोसा दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में वे संसद में सवाल उठाकर, पत्र लिखकर और सड़कों पर उतरकर पीड़ितों के साथ खड़े रहेंगे.
देशभर में लोग अपने हक़ के लिए लड़ रहे हैं - और अक्सर अकेले लड़ रहे हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 3, 2026
Gen Z, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाएँ - हर संघर्ष की अपनी कहानी है। पर जो आवाज़ अकेली उठती है, वो अक्सर दब जाती है।
'सत्याग्रह' इन्हीं आवाज़ों को एक नक्शे पर साथ लाने की पहल है।
बापू ने यही सिखाया था… pic.twitter.com/X8jUwnyLBO
इस डिजिटल पहल का समर्थन करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पुलिस बल के जरिए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि 'सत्याग्रह' डिजिटल प्लेटफॉर्म उन सभी आवाजों और आंदोलनों का संकलन बनेगा जो अन्याय के खिलाफ उठ रही हैं, क्योंकि बिखरे हुए आंदोलन कमजोर पड़ जाते हैं जबकि एकजुट संघर्ष सरकारों को भी झुका देते हैं.