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India Daily

'बिखरे हुए आंदोलन दबा दिए जाते हैं, जुड़े हुए आंदोलन सरकारें झुका देते हैं', राहुल गांधी ने लॉन्च किया 'सत्याग्रह' पोर्टल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के विभिन्न हिस्सों में अन्याय के खिलाफ हो रहे आंदोलनों और आवाजों को एक मंच पर लाने के लिए 'सत्याग्रह' डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'बिखरे हुए आंदोलन दबा दिए जाते हैं, जुड़े हुए आंदोलन सरकारें झुका देते हैं', राहुल गांधी ने लॉन्च किया 'सत्याग्रह' पोर्टल
Courtesy: @RahulGandhi

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने देश भर में चल रहे अलग-अलग जन आंदोलनों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने के लिए 'सत्याग्रह' (Satyagraha) पोर्टल की शुरुआत की है. महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के ठीक अगले दिन शनिवार को इस डिजिटल पहल को लॉन्च किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य देश के किसी भी हिस्से में अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे लोगों और समूहों को एक साझा मंच प्रदान करना है.

 'अकेली उठने वाली आवाज अक्सर दबा दी जाती है'

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' और वीडियो संदेश के जरिए राहुल गांधी ने कहा कि छात्र, किसान, युवा, आदिवासी, दलित और महिलाएं अपने-अपने स्तर पर अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं. जब कोई व्यक्ति या समूह अकेला संघर्ष करता है, तो उसकी आवाज को दबाना आसान हो जाता है. 'सत्याग्रह' पोर्टल के माध्यम से इन सभी संघर्षों को एक डिजिटल नक्शे पर दर्शाया जाएगा ताकि समान मुद्दों पर लड़ने वाले लोग एक-दूसरे को देख और समझ सकें.

संसद से सड़क तक साथ देने का वादा

महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बापू ने सिखाया था कि सत्य सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन सत्य के साथ एकजुट होकर खड़े होना उससे भी बड़ी ताकत है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे महज दो मिनट में पोर्टल पर जाकर अपने आंदोलन को दर्ज कराएं. रायबरेली के सांसद ने भरोसा दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में वे संसद में सवाल उठाकर, पत्र लिखकर और सड़कों पर उतरकर पीड़ितों के साथ खड़े रहेंगे.

कांग्रेस ने सरकार के रुख की आलोचना की

इस डिजिटल पहल का समर्थन करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पुलिस बल के जरिए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि 'सत्याग्रह' डिजिटल प्लेटफॉर्म उन सभी आवाजों और आंदोलनों का संकलन बनेगा जो अन्याय के खिलाफ उठ रही हैं, क्योंकि बिखरे हुए आंदोलन कमजोर पड़ जाते हैं जबकि एकजुट संघर्ष सरकारों को भी झुका देते हैं.