नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए भाषण पर कड़ा विरोध जताया है. संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह कल संसद में बड़े नर्वस थे. उनके हाथ कांप रहे थे, उन्होंने गलत लैंग्वेज का इस्तेमाल किया.
उन्होंने कहा कि अमित शाह मेंटली बहुत प्रेशर में हैं, जो कल पूरे देश ने देखा. कांग्रेस नेता ने कहा कि मैंने 'वोट चोरी' से जुड़ी जो बातें कहीं, उसका गृह मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया. मैंने अमित शाह को मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करने के लिए सीधा चैलेंज किया, उसका भी कोई जवाब नहीं आय. सच क्या है- आप सभी जानते हैं.
अमित शाह जी कल संसद में बड़े नर्वस थे।
— Congress (@INCIndia) December 11, 2025
उनके हाथ कांप रहे थे, उन्होंने गलत लैंग्वेज का इस्तेमाल किया। अमित शाह जी मेंटली बहुत प्रेशर में हैं- जो कल पूरे देश ने देखा।
○ मैंने 'वोट चोरी' से जुड़ी जो बातें कहीं- उसका गृह मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया
○ मैंने अमित शाह जी को मेरी… pic.twitter.com/qt31aHfMEH
इससे पहले संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को बीच भाषण में चुनौती देते हुए खुली बहस का प्रस्ताव रखा था. इस पर शाह ने तुरंत यह कहते हुए आपत्ति जताई कि उनका लंबा संसदीय अनुभव है और वे अपने वक्तव्य का क्रम स्वयं तय करेंगे. बहस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अमित शाह को उनकी तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा, 'मैं चैलेंज देता हूं कि इस पर डिबेट हो.' सदन में इस टिप्पणी से अचानक हलचल बढ़ी और कई सदस्य अपनी सीटों पर खड़े हो गए.
राहुल गांधी की चुनौती पर शाह ने कहा कि उनके पास वर्षों का अनुभव है और कोई भी यह नहीं तय कर सकता कि वे किस क्रम में जवाब देंगे. उन्होंने कहा कि वे सभी सवालों का उत्तर देंगे, लेकिन भाषण की रचना उनके हाथ में ही रहेगी. सदन के बाहर राहुल गांधी ने कहा था कि शाह का रवैया 'रक्षात्मक और घबराया हुआ' दिखा. उन्होंने दावा किया कि सरकार लोगों के असली मुद्दों पर बहस से बचने की कोशिश कर रही है और विपक्ष के सवालों का सीधा जवाब नहीं दे रही.