नई दिल्ली: अभिनेता से नेता बने विजय चंद्रशेखर की आने वाली फिल्म 'जन नायकन' इन दिनों राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है. इस फिल्म को लेकर तमिलनाडु से लेकर दिल्ली तक सियासी बयानबाजी तेज हो गई है.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फिल्म की रिलीज में हो रही देरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वहीं, बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कांग्रेस के पुराने फैसलों को सामने रखकर जवाब दिया है.
The I&B Ministry’s attempt to block ‘Jana Nayagan’ is an attack on Tamil culture.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 13, 2026
Mr Modi, you will never succeed in suppressing the voice of the Tamil people.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जानबूझकर फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज में रुकावट पैदा कर रहा है. यह तमिल संस्कृति पर प्रहार है. कांग्रेस सांसद ने इसे तमिल लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश बताया. राहुल गांधी ने कहा कि श्रीमान मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज को दबाने में कामयाब नहीं होंगे.
राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है. बीजेपी ने तुरंत पलटवार किया और राहुल गांधी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया. बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने अपने कार्यकाल में तमिल संस्कृति और परंपराओं को नुकसान पहुंचाया था. उन्होंने जलीकट्टू का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने इस पारंपरिक खेल को बर्बर बताकर उस पर रोक लगाने की कोशिश की थी, जिससे तमिल लोगों की भावनाएं आहत हुई थी.
बीजेपी नेता ने राहुल गांधी से कई सवाल भी पूछे. उन्होंने कहा कि क्या राहुल गांधी आपातकाल के समय हुई घटनाओं को भूल गए हैं. उस दौर में मशहूर गायक किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो पर इसलिए बैन कर दिए गए थे, क्योंकि उन्होंने इंदिरा गांधी का समर्थन करने से इनकार कर दिया था. इसके अलावा ‘आंधी’ और ‘किस्सा कुर्सी का’ जैसी फिल्मों पर भी प्रतिबंध लगाया गया था. बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है.
अगर पूरे मामले को समझें तो अभिनेता विजय ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी तमिलग वेत्री कझगम (TVK) की शुरुआत की है. ऐसे में 'जन नायकन' को विजय की आखिरी फिल्म माना जा रहा है. यह फिल्म 9 जनवरी 2025 को रिलीज होने वाली थी. फिल्म को 18 दिसंबर को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास भेजा गया था, जहां बोर्ड ने फिल्म के कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताई और करीब 27 कट लगाने का सुझाव दिया.
22 दिसंबर को CBFC की कमेटी ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की. यानी 18 साल से कम उम्र के बच्चे इसे माता-पिता की मौजूदगी में देख सकते थे. लेकिन इसके बावजूद 5 जनवरी तक फिल्म को आधिकारिक सर्टिफिकेट नहीं मिला.
इसके बाद फिल्म के निर्माताओं ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया. 9 जनवरी को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया. हालांकि, CBFC ने इस फैसले को चुनौती दी, जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लग गई. अब फिल्म के निर्माता और निर्देशक इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं, जहां अंतिम फैसला होना बाकी है.