पुणे पोर्शे एक्सीडेंट में नाबालिग आरोपी ने किशोर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को सड़क दुर्घटनाओं और उनके समाधान पर निबंध लिखकर दिया है. 19 मई को हुई दुर्घटना के बाद लड़के को जमानत देते समय कोर्ट ने उसे निबंध लिखने को कहा था. बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा था कि आरोपी पर जुवेनाइल बोर्ड के आदेश की सभी शर्तें लागू रहेंगी. बाल सुधार गृह से निकलने के बाद नाबालिग ने 3 जुलाई को निबंध लिखने की एक शर्त पूरी की.
19 मई की सुबह किशोर कथित तौर पर नशे में बहुत तेज गति से पोर्श कार चला रहा था. उसकी कार एक बाइक से टकरा गई, जिसमें दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई. नाम न बताने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि जेजेबी के आदेश के अनुसार सीसीएल (कानून से संघर्षरत बच्चा) ने 3 जुलाई को जेजेबी को अपना निबंध प्रस्तुत किया. इस शर्त के अनुपालन के लिए कि उसे ससून अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा मनोवैज्ञानिक परामर्श दिया जाए. उसकी चाची ने ससून अस्पताल से संपर्क किया था. अस्पताल के अधिकारियों ने इस संबंध में जेजेबी से निर्देश मांगे थे.
जेजेबी के 19 मई के आदेश में आरोपी लड़के के माता-पिता को निर्देश दिया था कि उसे किसी भी बुरी संगत में शामिल होने से दूर रखें. सीसीएल आरटीओ कार्यालय का दौरा करेगा और सभी नियमों और विनियमन का अध्ययन करेगा. सड़क दुर्घटना के प्रभाव और उनके समाधान विषय पर 300 शब्दों का निबंध लिखेगा. 25 जून को बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग की चाची द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को स्वीकार कर लिया था, जिसमें नाबालिग को निगरानी गृह में भेजने के रिमांड आदेशों को रद्द करने की मांग की गई थी.
19 मई को दुर्घटना के बाद हिरासत में लिए जाने के बाद, नाबालिग को उसी दिन दोपहर में पुणे में जेजेबी के समक्ष पेश किया गया. पुलिस ने किशोर सुधार गृह में उसकी रिमांड मांगी थी और यह भी अपील की थी कि उस पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाया जाए. जेजेबी ने तब आवेदनों को खारिज कर दिया था और निबंध लिखने, यातायात सुरक्षा मानदंडों का अध्ययन करने और परामर्श लेने सहित विभिन्न शर्तों पर आरोपी को जमानत दे दी थी.
नशे में था नाबालिग लड़का?
पुणे पुलिस ने इसके बाद किशोर न्याय बोर्ड के आदेश को जिला न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसने मामले को फिर से निर्णय के लिए किशोर न्याय बोर्ड को वापस भेज दिया था. 22 मई को, तीन सदस्यीय किशोर न्याय बोर्ड ने नाबालिग को पुनर्वास और सुधार के लिए मनोवैज्ञानिक और नशामुक्ति परामर्श के साथ 5 जून तक पर्यवेक्षण गृह में भेज दिया. रिमांड को 5 जून और 12 जून को आगे बढ़ाया गया. पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 18-19 मई की रात 17 साल 8 महीने के नाबालिग आरोपी ने बाइक सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स युवक-युवती को टक्कर मारी थी, जिससे दोनों की मौत हो गई. घटना के समय आरोपी नशे में था.