पुड्डूचेरी में ऐसा लग रहा है कि एन रंगास्वामी की सरकार खतरे में है. AINRC-BJP के गठबंधन वाली सरकार में सब ठीक नहीं है. निर्दलीय और बीजेपी विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत कर गठबंधन के मुद्दे को सुलझाने की मांग रखी है. इन विधायकों ने जेपी नड्डा के सामने अपनी बात रखी है. उन्होंने महासचिव बीएल संतोष से भी दिल्ली में मुलाकात की और अपनी समस्याओं के बारे में बताया है.
बीजेपी कहना है कि सरकार ठीक से नहीं चल रही है, वे सारे निर्णय इकतरफा ही ले रहे हैं. विधायकों का कहना है कि वे सरकार में सुधार चाहते हैं. 8 जून को भी वे अमित शाह से मिलकर अपनी परेशानियों के बारे में बता चुके हैं. उनका कहना है कि अगर हम गठबंधन छोड़ देते हैं तो पार्टी के लिए अच्छा होगा. सरकार सुधार करने के लिए ही तैयार नहीं है.
नाराज विधायकों ने रंगास्वामी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त है और ऐसी योजनाओं को ला रही है, जिसकी जनता को जरूरत ही नहीं है. उनकी वजह से बीजेपी की लोकप्रियता घट रही है. उनका कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश के गृहमंत्री रहे एन शिवायम की लोकसभा चुनावों में 1.3 लाख वोटों से हार इसलिए ही हुई है क्योंकि वे अलोकप्रिय हो गए हैं.
बीजेपी के एक विधायक ने कहा, 'कभी ऐसा नहीं हुआ कि सत्तारूढ़ पार्टी या गठबंधन सरकार का लोकसभा उम्मीदवार चुनाव हारे. अगर यही स्थिति रही तो विधानसभा में इसके नतीजे और भयावह होंगे. हमारी सीटें और घट जाएंगी.'
विधायकों का कहना है कि सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि आवाजें उठ रही हैं. सरकार की रेस्त्रां और बार पर नीतियां विवादास्पद हैं. विकास नहीं हो रहा है, कैबिनेट में फेरबदल की जा रही है, विधायकों को चेयरमैन बनाया जा रहा है. गठबंधन के साथियों के साथ सही से बैठक तक नहीं हो पा रही है. अपने मनमर्जी से सरकारें फैसले ले रही हैं. एनआर कांग्रेस और बीजेपी में गठबंधन के बाद भी कोई आम सहमति नहीं बन पाई है.
सीएम एन रंगास्वामी का कहना है कि कोई बगावत नहीं है. पार्टी के नेता अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिलने गए हैं. उन्होंने सरकार के ठीक से न चलने की बातों को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार लोक कल्याणकारी नीतियों पर काम कर रही है. वहीं AINRC का एक धड़ा ऐसा है, जिसे बीजेपी का साथ नहीं पसंद है. उनका कहना है कि डबल इंजन सरकार के बाद भी कोई लाभ नहीं मिला है.