menu-icon
India Daily

कैसे 'इंदिरा प्रियदर्शनी' बनीं 'इंदिरा गांधी'? आज आयरन लेडी की पुण्य तिथि पर जानें उनके जीवन की अनसुनी कहानी

इंदिरा प्रियदर्शनी का जीवन राजनीति और संघर्ष से भरा रहा. उनका विवाह फिरोज गांधी से हुआ, जिन्हें महात्मा गांधी के सुझाव पर 'गांधी' उपनाम मिला. शादी के बाद वे इंदिरा गांधी बनीं और बाद में भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. उनके नेतृत्व, निर्णय और साहस को आज भी भारत याद करता है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
कैसे 'इंदिरा प्रियदर्शनी' बनीं 'इंदिरा गांधी'? आज आयरन लेडी की पुण्य तिथि पर जानें उनके जीवन की अनसुनी कहानी
Courtesy: @Imdineshpurohit x account

नई दिल्ली: देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी का जीवन जितना प्रभावशाली था, उतना ही दिलचस्प भी. राजनीति में उनकी पहचान एक सख्त, निर्णायक और दूरदर्शी नेता के रूप में रही, लेकिन उनके जीवन की एक अनकही कहानी यह है कि कैसे इंदिरा प्रियदर्शनी 'इंदिरा गांधी' बनीं. यह कहानी केवल एक शादी की नहीं, बल्कि दो परिवारों और दो विचारधाराओं के संगम की है.

इंदिरा प्रियदर्शनी का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहाबाद में हुआ था. वे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू की एकमात्र संतान थीं. उनका घर का नाम 'इंदू' था, और उनके दादा मोतीलाल नेहरू ने उन्हें 'प्रियदर्शनी' नाम दिया था, जिसका अर्थ होता है कांति और शोभा. इंदिरा बचपन से ही राजनीति के माहौल में पली-बढ़ीं और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने पिता के कार्यों से गहराई से जुड़ी रहीं.

फिरोज गांधी से कैसे हुई मुलाकात?

12 सितंबर 1912 को फिरोज गांधी का जन्म मुंबई में हुआ था. उनके पिता जहांगीर और मां रतिबाई पारसी परिवार से थे. पिता की मृत्यु के बाद परिवार इलाहाबाद आ गया. वहीं उनकी पढ़ाई हुई और आगे चलकर उन्होंने राजनीति में रुचि लेनी शुरू की. साल 1930 में युवा कांग्रेस का नेतृत्व करते हुए उनकी मुलाकात जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू से हुई.

कैसे बढ़ी नजदीकियां?

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कमला नेहरू एक बार धरने पर बेहोश हो गईं, तब फिरोज गांधी ने उनकी सेवा की. इस घटना से वे नेहरू परिवार के करीब आए. धीरे-धीरे इंदिरा और फिरोज के बीच दोस्ती और फिर प्रेम का रिश्ता बन गया. दोनों की नजदीकियों से नेहरू परिवार चिंतित था, क्योंकि धर्म के भिन्न होने से सामाजिक और राजनीतिक विवाद की संभावना थी.

कैसे प्रियदर्शनी बनीं इंदिरा गांधी?

जवाहरलाल नेहरू ने जब यह बात महात्मा गांधी से साझा की, तो गांधीजी ने एक अनोखा समाधान दिया. उन्होंने फिरोज को 'गांधी' उपनाम धारण करने की सलाह दी, जिससे समाज में विरोध कम हो सके. इस प्रकार 'फिरोज खान' बन गए 'फिरोज गांधी'. साल 1942 में इंदिरा और फिरोज ने हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह किया, जिसके बाद इंदिरा प्रियदर्शनी 'इंदिरा गांधी' बन गईं. यह वही वर्ष था जब भारत छोड़ो आंदोलन अपने चरम पर था और देश आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा था.

कौन सा था सबसे विवादस्पद निर्णय?

इंदिरा गांधी को बाद में 'आयरन लेडी' कहा गया. उन्होंने 1971 के युद्ध में बांग्लादेश को स्वतंत्र कराया, बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया और पोखरन परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए. हालांकि, 1975 में लगाया गया आपातकाल उनके करियर का सबसे विवादास्पद निर्णय माना जाता है.