नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2026 को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी व्यस्त दिनचर्या लोगों के बीच चर्चा का विषय रहती है. देश-विदेश के दौरे, बैठकों और लगातार कार्यक्रमों के बीच उनकी सक्रियता को देखकर अक्सर लोग जानना चाहते हैं कि वह खुद को फिट रखने के लिए क्या खाते हैं और उनकी दिनचर्या कैसी है. हालांकि, फरवरी 2026 में छात्रों से बातचीत के दौरान मोदी ने साफ कहा था कि उनका कोई तय डाइट सिस्टम नहीं है.
PM मोदी ने बताया कि उनके जीवन में कोई ऐसा निश्चित डाइट चार्ट नहीं रहा, जिसे वह हर दिन एक तय नियम की तरह अपनाते हों. वह शाकाहारी हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में जो शाकाहारी भोजन उपलब्ध होता था, वही खाते थे. कभी जरूरत पड़ने पर खुद खाना बनाते थे और साधारण खिचड़ी भी तैयार करते थे. उनके जवाब से यह बात सामने आई कि उन्होंने भोजन को किसी सख्त फार्मूले में बांधने के बजाय परिस्थितियों और अपनी पसंद के हिसाब से अपनाया.
छात्र के सवाल के जवाब में मोदी ने खान-पान को लेकर एक और बात कही. उनके मुताबिक डाइट ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिसे व्यक्ति किसी दवा की तरह मजबूरी में ले. उन्होंने भोजन को अपनी पसंद के अनुरूप रखने की बात कही. इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल रखा कि व्यक्ति को खाना केवल पेट भरने के लिए चाहिए या मन की संतुष्टि के लिए. उनके अनुसार भोजन के साथ अपनी आदत और जरूरत को समझना भी महत्वपूर्ण है.
मोदी ने बातचीत में भोजन से आगे शरीर की एक दूसरी जरूरत पर ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि लोग पेट भरने के लिए अनाज और दूसरी चीजें खाते हैं, लेकिन छाती भरकर सांस लेने पर उतना ध्यान नहीं देते. उन्होंने गहरी सांस लेने की आदत पर जोर दिया. 2026 के ‘परीक्षा पे चर्चा’ में भी उन्होंने कम से कम दिन में एक बार सांस से जुड़े अभ्यास करने की सलाह दी थी. फिटनेस पर बात करते हुए मोदी ने शरीर और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की सलाह दी.