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India Daily

पीएम मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से की बातचीत, अमेरिकी तनाव के बीच रिश्ते मजबूत करने की पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से बात की और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर सहमति जताई. अमेरिका के साथ तनाव के बीच यह पहली मुलाकात है, जहां तेल व्यापार पर फोकस रहा.

Kanhaiya Kumar Jha
पीएम मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से की बातचीत, अमेरिकी तनाव के बीच रिश्ते मजबूत करने की पहल
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से फोन पर चर्चा की. दोनों ने द्विपक्षीय साझेदारी को सभी क्षेत्रों में विस्तार देने पर जोर दिया और इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया. यह बातचीत तब हुई जब अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडारों पर नजर रख रहा है और भारत पर रूसी तेल आयात के लिए 50 प्रतिशत शुल्क लगा चुका है. मोदी ने एक्स पर लिखा कि साझा विजन से रिश्ते मजबूत होंगे. अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह भारत को नए व्यवस्था के तहत वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है.

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से फोन पर चर्चा की. दोनों ने द्विपक्षीय साझेदारी को सभी क्षेत्रों में विस्तार देने पर जोर दिया और इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया. यह बातचीत तब हुई जब अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडारों पर नजर रख रहा है और भारत पर रूसी तेल आयात के लिए 50 प्रतिशत शुल्क लगा चुका है. मोदी ने एक्स पर लिखा कि साझा विजन से रिश्ते मजबूत होंगे. अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह भारत को नए व्यवस्था के तहत वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति दे सकता है.

अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के कच्चे तेल पर कब्जा करने की कोशिशें तेज की हैं. जनवरी 3 को अमेरिकी सेना की कार्रवाई में निकोलस मदुरो को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद ट्रंप ने उन देशों पर शुल्क लगाने की धमकी दी जो अमेरिका के साथ व्यापार सौदे नहीं करते. भारत पर पहले से ही रूसी तेल के लिए 50 प्रतिशत टैरिफ है. मार्च में ट्रंप ने वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था.

तेल व्यापार की नई संभावनाएं

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस्टोफर राइट ने कहा कि वेनेजुएला का तेल फिर से बाजार में आएगा, लेकिन अमेरिकी नियंत्रण में. वे 30 से 50 मिलियन बैरल स्टोरेज से बेचेंगे और भविष्य की उत्पादन से और तेल देंगे. फॉक्स बिजनेस को दिए साक्षात्कार में राइट ने बताया कि पैसा अमेरिकी खातों में जाएगा. ट्रंप ने दावा किया कि तेल कंपनियां वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में 100 अरब डॉलर निवेश करेंगी. वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं, लेकिन प्रतिबंधों से प्रभावित हैं.

अमेरिकी प्रतिबंधों का इतिहास

पिछले दशक में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कई दौर के प्रतिबंध लगाए हैं. मदुरो और ह्यूगो शावेज के शासन में राजनीतिक दमन, भ्रष्टाचार और लोकतंत्र की कमजोरी के कारण ऐसा हुआ. इन प्रतिबंधों से भारत का तेल व्यापार प्रभावित हुआ. 2000 के दशक से ऊर्जा सहयोग प्रमुख रहा, लेकिन 2010 के अंत में अमेरिकी सजा से खरीदारी कम हो गई. 2024-25 में भारत का आयात 80 प्रतिशत गिर गया.

भारत-वेनेजुएला के पारंपरिक रिश्ते

भारत और वेनेजुएला के बीच दशकों से गर्मजोशी भरे संबंध हैं. तेल व्यापार मुख्य हिस्सा रहा, जहां भारत ने भारी मात्रा में कच्चा तेल लिया. एक समय वेनेजुएला के आधे निर्यात भारत जाते थे. लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों से व्यापार सीमित हो गया. 2025 में भारत का आयात 364.5 मिलियन डॉलर रहा, जिसमें 255 मिलियन तेल से. निर्यात 95 मिलियन डॉलर का रहा, मुख्य रूप से दवाओं से.

भविष्य की दिशा

यह बातचीत अमेरिकी दबाव के बीच महत्वपूर्ण है. भारत को वेनेजुएला से तेल मिलने से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी. मोदी-रोड्रिगेज की चर्चा से रिश्ते नई दिशा लेंगे. ट्रंप की नीतियां वैश्विक तेल बाजार को बदल सकती हैं, लेकिन भारत अपनी आवश्यकताओं पर फोकस रखेगा. दोनों देशों के सहयोग से आर्थिक लाभ बढ़ सकता है.