'ये मौके की तलाश में हैं', नक्सलवाद के बाद अब 'दिमागी नक्सलियों' की चुनौती; पीएम मोदी ने किया सतर्क
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2026 के संबोधन में 'दिमागी नक्सलियों' को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि माओवादी सोच रखने वाले लोग फिर से हिंसा और अराजकता फैलाने के मौके की तलाश में हैं.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सलियों' का मुद्दा उठाते हुए कहा कि माओवादी सोच रखने वाले कुछ लोग देश में फिर से हिंसा और अराजकता का माहौल बनाने के मौके की तलाश में हैं. उन्होंने ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग करने की जरूरत बताई.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने जंगलों में सक्रिय हथियारबंद नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है और देश को नक्सली हिंसा के खतरे से काफी हद तक मुक्त किया गया है. हालांकि, उन्होंने कहा कि वैचारिक नक्सलवाद अभी भी एक चुनौती बना हुआ है. प्रधानमंत्री के अनुसार, ऐसे लोगों ने नीति निर्माण से जुड़े कुछ क्षेत्रों में अपना प्रभाव बनाने की कोशिश की है.
पीएम ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैचारिक नक्सली अवसर की तलाश में हैं और समाज को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग हिंसा और अराजकता के रास्ते को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे वैचारिक तत्वों की पहचान कर उन्हें अलग करना जरूरी है.
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नक्सलवाद पर क्या बोले?
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि माओवाद के खिलाफ संघर्ष में 3500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की जान गई है. पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद ने देश के कई युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाया है.
पीएम मोदी ने बदलते युद्ध के स्वरूप को लेकर भी देश को आगाह किया. उन्होंने कहा कि आज युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है. अब किसी देश की रिफाइनरी, बैंकिंग व्यवस्था, डेटा सेंटर, कारखाने और दूसरे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि देश को इस तरह के नए खतरों से निपटने के लिए लगातार तैयार रहना होगा.
मिशन सुदर्शनचक्र को लेकर क्या बोले?
प्रधानमंत्री ने पिछले साल घोषित मिशन सुदर्शनचक्र का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस मिशन पर तेजी से काम चल रहा है. पीएम मोदी ने देश की सुरक्षा को हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी बताया और कहा कि बदलते खतरों के बीच भारत को पूरी तरह सतर्क रहना होगा.