नई दिल्ली: अयोध्या में बने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां इस समय जोरों पर हैं, जिसको लेकर जहां 30 दिसंबर को पीएम मोदी रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे तो वहीं पर यहां बने एयरपोर्ट को भी जल्द हरी झंडी मिलने वाली है. इस बीच अयोध्या को यूपी की धार्मिक नगरी के रूप में प्रमोट करने के लिए योगी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है. योगी सरकार ने जहां अयोध्या जंक्शन रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अयोध्या धाम कर दिया है तो वहीं पर एयरपोर्ट के नामकरण ने 2024 लोकसभा चुनावों को साधने की चाल चल दी है.
अब ये कैसे हुआ है वो हम आपको समझाते हैं. दरअसल योगी सरकार ने अयोध्या में बने नए एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने का ऐलान किया है. पीएम मोदी जब 30 दिसंबर को अयोध्या पहुंचेंगे तो अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करने के साथ ही 8 स्पेशल ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे. इसके बाद वो महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने भी पहुंचेंगे.
अब इसे राजनीतिक पंडित बीजेपी सरकार का दलितों को साधने का ट्रंप कार्ड बता रही है. दरअसल केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मिकी के नाम पर रखकर बड़ा समाजिक संदेश देने की कोशिश की है. पीएम मोदी हमेशा संकेतों के जरिए बड़ा संदेश देते रहे है. ऐसे में एयरपोर्ट का नाम बदला जाना पीएम मोदी की सोच का हिस्सा है. दलित समाज का समाजिक रूप से सशक्तिकरण पीएम मोदी की वैचारिक विमर्श के बेहद करीब रहा है. जिसकी झलक समय-समय पीएम मोदी बड़े फैसलों के जरिए देने की कोशिश की है. ऐसे में महर्षि वाल्मिकी के नाम एयरपोर्ट का नाम रखा जाना पीएम मोदी की दलित अस्मिता के विजन को पेश करती है.
केंद्र सरकार में अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं के जरिये वाल्मिकी समुदाय में पैठ बनाने की है. बीते 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सुरक्षित सीटों पर अच्छी सफलता मिली थी. इन चुनावों में बीजेपी ने 131 सुरक्षित सीटों में से 77 पर बड़ी जीत हासिल की थी. वहीं 2014 में यह आंकड़ा 67 था. इस लिहाज से पीएम मोदी का यह कदम 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बड़ा मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है.
सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी में ही 21 प्रतिशत दलित आबादी रहती है, जो राज्य की सत्ता में अहम भूमिका निभाते हैं. यूपी की दलित आबादी में एक तिहाई हिस्सेदारी वाल्मीकि समाज के लोगों की है. वाल्मीकि समाज या खटीक जैसी दलित बिरादरी बीजेपी का आधार वोट मानी जाती है. ऐसे में सरकार का यह फैसला दलितों को साधने की बड़ी मुहिम का एक अहम हिस्सा है. लोकसभा चुनाव से पहले मायावती के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए बीजेपी ने खास रणनीति पर काम करना शुरू किया है. दलित BSP का कोर वोट बैंक रहा है. पिछले दो लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीजेपी ने खासतौर पर इसमें सेंधमारी करने में बड़ी सफलता हासिल की है. अब बीजेपी की कोशिश इस वोट बैंक को अपने साछ बरकरार रखने की है.
अत्याधुनिक हवाई अड्डे के चरण 1 को 1,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है. हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल 6500 वर्ग मीटर होगा, जो सालाना लगभग 10 लाख यात्रियों की सेवा के लिए होगा. टर्मिनल बिल्डिंग अयोध्या के राम मंदिर की मंदिर वास्तुकला को दर्शाती है. टर्मिनल बिल्डिंग के अंदरूनी हिस्सों को भगवान श्री राम के जीवन को दर्शाते हुए स्थानीय कला, चित्रों और भित्ति चित्रों से सजाया गया है.