menu-icon
India Daily

मोदी-पुतिन की दिल्ली में मुलाकात, यूक्रेन युद्ध से लेकर रक्षा और ऊर्जा तक अहम मुद्दों पर होगी बात

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है. इस दौरान व्यापार, रक्षा सहयोग और यूक्रेन संघर्ष सहित कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो रही है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
मोदी-पुतिन की दिल्ली में मुलाकात, यूक्रेन युद्ध से लेकर रक्षा और ऊर्जा तक अहम मुद्दों पर होगी बात
Courtesy: ani

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय यानी आपसी बातचीत शुरू हो चुकी है. पुतिन भारत के तीन दिन के दौरे पर हैं और इस दौरान दोनों नेता व्यापार, निवेश और ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा कर रहे हैं.

पुतिन का भारत दौरा और यूक्रेन युद्ध के बाद पहली यात्रा

यूक्रेन में फरवरी 2022 से शुरू हुए संघर्ष के बाद से यह पहला मौका है जब रूसी राष्ट्रपति रूस से बाहर किसी ब्रिक्स सम्मेलन में सीधे तौर पर हिस्सा लेने भारत आए हैं. इससे पहले पुतिन दिसंबर 2025 में भारत-रूस शिखर सम्मेलन के सिलसिले में दिल्ली आए थे. उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जो दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक रिश्तों को दिखाता है.

बिश्केक में हुई थी पिछली मुलाकात

यह मुलाकात पिछले हफ्ते ही किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान हुई प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की बातचीत के तुरंत बाद हो रही है. बिश्केक में हुई उस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से साफ कहा था कि रूस को 'अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर' बढ़ना चाहिए, जो पांच साल पहले शुरू हुए रूस-यूक्रेन संघर्ष की ओर साफ इशारा था.

क्रेमलिन का बयान और वैश्विक मुद्दे

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भारतीय मीडिया से बात करते हुए पहले ही बता दिया था कि इस बैठक में दोनों नेता आपसी संबंधों के साथ-साथ दुनिया भर के बड़े मुद्दों पर भी बात करेंगे. इस दौरान रूसी राष्ट्रपति, पीएम मोदी को यूक्रेन संघर्ष की मौजूदा जमीनी स्थिति से भी अवगत कराएंगे.

रक्षा सहयोग पर विशेष जोर

दोनों नेताओं की इस बैठक में रक्षा सहयोग सबसे अहम मुद्दों में शामिल रहने की उम्मीद है. भारत और रूस कई सालों से रक्षा मामलों में बेहद करीबी साझेदार रहे हैं, ऐसे में इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच चल रहे और आने वाले नए रक्षा प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा की जा रही है.

नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

भारत इस साल 2026 के ब्रिक्स का अध्यक्ष है और नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. इस बड़े आयोजन में ब्रिक्स देशों के नेताओं के अलावा सहयोगी देशों और विशेष आमंत्रित मेहमानों के भी शामिल होने की पूरी उम्मीद है.

वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर मंथन

विदेश मंत्रालय के अनुसार इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सभी बड़े नेता आपस में मिलकर ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और साझा प्राथमिकताओं पर अपने विचार रखेंगे. साथ ही, वे वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर के उन तमाम मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा करेंगे जो दोनों पक्षों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.