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BRICS 2026 में मोदी और पुतिन आमने-सामने, सम्मेलन से अलग हुई खास बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान अलग से द्विपक्षीय बैठक की.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
BRICS 2026 में मोदी और पुतिन आमने-सामने, सम्मेलन से अलग हुई खास बैठक
Courtesy: X

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान अलग से द्विपक्षीय बैठक की. दोनों नेताओं ने सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक की. दोनों पहले गले मिले, फिर हाथ मिलाया. मीटिंग अभी भी जारी है.

PUTIN GIFTS MODI

PM MODI GIFTS PUTIN (ANI)

पीएम मोदी ने भेंट की ‘तिरुक्कुरल’

BRICS SUMMIT 2026 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिल भाषा के प्रसिद्ध शास्त्रीय ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया. इस पुस्तक का पहला पूर्ण रूसी अनुवाद 1963 में इंडोलॉजिस्ट जे. जे. (यूरी) ग्लाजोव ने ए. कृष्णमूर्ति के सहयोग से प्रकाशित किया था. यह अनुवाद तिरुवल्लुवर की रचनाओं को रूसी पाठकों तक पहुंचाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है. पुतिन की ओर से यह पुस्तक भेंट करना भारत और रूस के बीच साहित्यिक व सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाता है.

कई अहम मुद्दों पर होगी बात

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई अहम मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं. इनमें रूस के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाना, रेल सेक्टर और टनलिंग में मिलकर काम करना, स्टील वैल्यू चेन का विकास करना और ज्यादा B2B मौके बनाना और रूसी बाजार तक पहुंच बढ़ाना शामिल है. 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय किया जा सकता है. इसके अलावा, सिविल न्यूक्लियर सहयोग को मजबूत करने पर भी बातचीत हो सकती है, जिसमें फ्यूल साइकिल और लाइफ़-साइकिल सपोर्ट शामिल हैं.

पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान में किया था तिरुक्कुरल का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान में महान तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल का जिक्र करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया था. नरेंद्र मोदी ने कहा कि सदियों पहले तमिल भाषा में लिखा गया 'तिरुक्कुरल' आज भी जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है. इसी किताब का रूसी अनुवाद राष्ट्रपति पुतिन को BRICS SUMMIT 2026 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भेंट किया है.

क्या है तिरुक्कुरल?

तिरुक्कुरल तमिल भाषा का एक प्राचीन और प्रसिद्ध नीतिशास्त्र ग्रंथ है, जिसकी रचना संत तिरुवल्लुवर ने की थी. इसमें कुल 1330 छोटे दोहे हैं, जिन्हें ‘कुरल’ कहा जाता है. प्रत्येक कुरल दो पंक्तियों में लिखा गया है और यह ग्रंथ तीन मुख्य भागों, अरम (सदाचार और नैतिकता), पोरुल (राजनीति, समाज और धन से जुड़े विषय) और इन्बम् (प्रेम और आनंद) में बंटा है. थिरुक्कुरल की सबसे खास बात यह है कि इसकी शिक्षाएं किसी एक धर्म तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन, समाज और अच्छे आचरण से जुड़े सार्वभौमिक विचार देती हैं. इसी वजह से इसे तमिल संस्कृति की महत्वपूर्ण रचना और दुनिया भर में सम्मानित ग्रंथ माना जाता है.