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दुनिया की आधी आबादी BRICS के साथ! जानिए कितना बड़ा है यह समूह और कितनी है इसकी ताकत

राजधानी दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit में 11 देश शामिल होंगे. करीब 3.9 अरब आबादी वाला यह समूह वैश्विक GDP, व्यापार और बदलती भू-राजनीति में तेजी से प्रभावशाली बन रहा है.

KanhaiyaaZee
दुनिया की आधी आबादी BRICS के साथ! जानिए कितना बड़ा है यह समूह और कितनी है इसकी ताकत
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है. इस बार समूह का दायरा पहले से काफी बड़ा है. BRICS में अब 11 देश शामिल हैं और इनकी कुल आबादी करीब 3.9 अरब पहुंच चुकी है, जो दुनिया की आबादी का लगभग 49.5 प्रतिशत है. आर्थिक मोर्चे पर भी समूह की ताकत बढ़ी है. 2026 में BRICS देशों की हिस्सेदारी वैश्विक GDP में करीब 41 प्रतिशत आंकी गई है, जो G7 से काफी अधिक है.

BRICS की शुरुआत चार देशों के समूह के रूप में हुई थी, लेकिन अब इसमें 11 सदस्य हैं. ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, UAE और इंडोनेशिया शामिल हैं. मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE 2024 में समूह का हिस्सा बने, जबकि इंडोनेशिया जनवरी 2025 में पूर्ण सदस्य बना. इस विस्तार ने एशिया, अफ्रीका, यूरोप, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व में BRICS की पहुंच बढ़ाई है.

करीब आधी दुनिया की आबादी

2026 के आंकड़ों के मुताबिक BRICS देशों की संयुक्त आबादी करीब 3.9 अरब है. यह दुनिया की कुल आबादी का 49.5 प्रतिशत बैठती है. हालांकि आबादी का बड़ा हिस्सा चीन और भारत में केंद्रित है. इंडोनेशिया, ब्राजील, रूस, मिस्र, इथियोपिया और ईरान भी बड़े घरेलू बाजार उपलब्ध कराते हैं. आबादी के लिहाज से सभी देशों की स्थिति एक जैसी नहीं है. चीन में जनसंख्या वृद्धि धीमी हुई है, जबकि रूस में आबादी घट रही है.

करीब 4 अरब लोगों का बाजार

लगभग चार अरब लोगों का बाजार कंपनियों के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन ज्यादा आबादी का मतलब अपने आप ज्यादा खरीद क्षमता नहीं है. UAE और सऊदी अरब में प्रति व्यक्ति आय काफी ऊंची है, जबकि भारत, मिस्र और इथियोपिया में बड़ी आबादी के साथ विकास की लंबी संभावनाएं हैं. चीन और भारत में बढ़ता मध्यम वर्ग भी BRICS के लिए अहम है. व्यापार के स्तर पर समूह की हिस्सेदारी वैश्विक व्यापार में करीब 26 प्रतिशत है.

व्यापार में तेजी से बढ़ी हिस्सेदारी

BRICS देशों के बीच वस्तुओं का आपसी व्यापार 2024 में 1.17 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2003 में यह सिर्फ 84 अरब डॉलर था. यानी करीब 13 गुना बढ़ोतरी हुई. भारत की अध्यक्षता में सदस्य देश 2030 तक आर्थिक साझेदारी मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं. इसमें सेवाएं, डिजिटल अर्थव्यवस्था, तकनीक, निवेश और वित्तीय सहयोग शामिल हैं. स्थानीय मुद्राओं और आपस में जुड़ी भुगतान प्रणालियों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हो रही है.

BRICS बनाम G7

BRICS की आर्थिक ताकत का सबसे बड़ा संकेत G7 से तुलना में दिखाई देता है. 2006 में BRICS की वैश्विक GDP में हिस्सेदारी 20.4 प्रतिशत थी. IMF के अप्रैल 2026 के अनुमान के अनुसार 2020 में BRICS ने GDP हिस्सेदारी के मामले में G7 को पीछे छोड़ दिया. 2026 में BRICS की हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत, जबकि G7 की करीब 28 प्रतिशत है. हालांकि समूह की आर्थिक ताकत में चीन और भारत का योगदान सबसे ज्यादा है.