अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के कोबा तीर्थ में सम्राट सम्प्रति म्यूजियम का उद्घाटन किया. महावीर जयंती के शुभ अवसर पर जैन साधुओं के साथ उन्होंने इस म्यूजियम को देश के करोड़ों नागरिकों को समर्पित किया. पीएम मोदी ने कहा कि जब हम शाश्वत ज्ञान को नई पीढ़ी तक नवाचार और नई सोच के साथ पहुंचाते हैं तो हमारी विरासत और समृद्ध होती है. यह म्यूजियम भारत के गौरवशाली अतीत को दर्शाता है. उन्होंने महावीर जयंती पर कोबा तीर्थ पहुंचकर भगवान महावीर से आशीर्वाद मांगा और पूरे देश को शुभकामनाएं दीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्राट सम्प्रति म्यूजियम को देश की साझा विरासत बताया. उन्होंने कहा कि यह म्यूजियम भारत के गौरवपूर्ण इतिहास का जीवंत प्रतीक है. महावीर जयंती के मौके पर इस उद्घाटन से जैन परंपरा को नई ऊर्जा मिलेगी. पीएम ने युवाओं को प्राचीन ज्ञान से जोड़ने की जरूरत पर विशेष जोर दिया है.
यह म्यूजियम श्री महावीर जैन आराधना केंद्र में बना है और सम्राट सम्प्रति महाराज के नाम पर है. सम्राट सम्प्रति अशोक के पोते थे और जैन धर्म तथा अहिंसा के बड़े प्रचारक थे. म्यूजियम में सात गैलरी हैं जहां दुर्लभ कलाकृतियां, प्राचीन पांडुलिपियां, मूर्तियां और सिक्के रखे गए हैं. आधुनिक ऑडियो-विजुअल तकनीक से यहां आने वाले लोग जैन इतिहास को गहराई से समझ सकेंगे.
यहां देखें वीडियो
VIDEO | Gujarat: Speaking at the inauguration of the Samrat Samprati Museum in Gandhinagar, PM Modi (@narendramodi), says, "On the auspicious occasion of Mahavir Jayanti, I have got an opportunity to come to this sacred Jain teerth. First of all, I seek blessings of Lord Mahavir… pic.twitter.com/5K4KZsbd9M
— Press Trust of India (@PTI_News) March 31, 2026
म्यूजियम में दो हजार से ज्यादा दुर्लभ खजाने संग्रहित हैं. पत्थर और धातु की मूर्तियां, चित्रित पांडुलिपियां, चांदी के रथ और प्राचीन सिक्के यहां प्रमुख आकर्षण हैं. सात अलग-अलग विंग्स भारत की सभ्यतागत परंपराओं को दिखाती हैं. यह जगह सदियों पुरानी जैन कला और संस्कृति को संरक्षित करने का बेहतरीन माध्यम बनेगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि भगवान महावीर की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं. सत्य, अहिंसा और करुणा के आदर्श समाज को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. महावीर के विचार समानता और दया की याद दिलाते हैं तथा समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं.
सम्राट सम्प्रति म्यूजियम न केवल जैन धर्म की विरासत को बचाएगा बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राचीन ज्ञान को नई सोच के साथ जोड़ना हमारी धरोहर को और समृद्ध बनाता है. यह म्यूजियम भविष्य की प्रेरणा बनेगा.