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India Daily

PNG की ओर तेजी से बढ़ता भारत, 6000 लोगों ने छोड़ा अपना LPG कनेक्शन; सरकार ने इन क्षेत्रों को दिया 3 महीने का अल्टीमेटम

सरकार पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए नए नियम लागू कर रही है. अब तक 6000 लोगों ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किया है और जिन इलाकों में पीएनजी उपलब्ध है वहां तीन महीने बाद एलपीजी सप्लाई बंद हो सकती है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
PNG की ओर तेजी से बढ़ता भारत, 6000 लोगों ने छोड़ा अपना LPG कनेक्शन; सरकार ने इन क्षेत्रों को दिया 3 महीने का अल्टीमेटम
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस को बढ़ावा देने और LPG की सप्लाई को बेहतर बनाने की सरकार की कोशिशों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक शनिवार तक 6,000 PNG उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस मामले पर बात करते हुए, मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने इन उपभोक्ताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, 'कल तक 6,000 PNG उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, उनका बहुत-बहुत शुक्रिया!!' उन्होंने दूसरे PNG इस्तेमाल करने वालों से भी अपील की कि वे अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दें, ताकि उन लोगों की मदद हो सके जिनके पास अभी तक PNG की सुविधा नहीं है.

कितने महीने का मिला है समय?

सरकार की योजना है कि उन घरों में LPG सिलेंडरों की सप्लाई अब से तीन महीने बाद बंद ​​कर दी जाए, जिनके पास PNG की सुविधा तो है, लेकिन उन्होंने अभी तक कनेक्शन नहीं लिया है. यह नियम उन जगहों पर लागू नहीं होगा जहां PNG की सप्लाई तकनीकी रूप से मुमकिन नहीं है, बशर्ते किसी अधिकृत संस्था ने 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' यानी NOC जारी किया हो.

क्या है इसकी वजह?

पश्चिम एशिया से आयात में रुकावटों की वजह से फिलहाल LPG की सप्लाई पर दबाव है. सरकार का मकसद उन इलाकों में रहने वालों को, जहां पाइपलाइन का ढांचा मौजूद है, PNG पर शिफ्ट होने के लिए बढ़ावा देना है. इससे उन इलाकों में LPG की सप्लाई बच जाएगी, जिसे उन ग्रामीण या दूरदराज के इलाकों में भेजा जा सकेगा जहां पाइपलाइन का ढांचा मौजूद नहीं है.

मौजूदा हालात में क्या दी गई है प्राथमिकता?

मौजूदा हालात को देखते हुए इस सेक्टर में गैस की सप्लाई को खास श्रेणियों के आधार पर प्राथमिकता दी गई है. घरेलू के लिए PNG और ट्रांसपोर्ट के लिए CNG को गैस की सप्लाई में 100 प्रतिशत पूरी हिस्सेदारी दी जा रही है.

औद्योगिक और कमर्शियल: इन उपभोक्ताओं को उनकी औसत गैस खपत का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा मिल रहा है. 

उर्वरक संयंत्र: इन्हें अपनी क्षमता के 70-75 प्रतिशत पर गैस की आपूर्ति की जा रही है. इस कमी की पूर्ति के लिए अतिरिक्त LNG कार्गो की व्यवस्था की जा रही है.

हालांकि भू-राजनीतिक स्थितियों के कारण LPG की आपूर्ति पर असर पड़ा है, लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार डिलीवरी सामान्य बनी हुई है और किसी भी तरफ से किसी कमी की सूचना नहीं मिली है. प्रतिदिन 5.5 मिलियन से अधिक गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है. 

छापे और जब्ती: सरकार ने जमाखोरी और कालाबाज़ारी के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं. इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों के लिए मिट्टी के तेल यानी केरोसिन का आवंटन बढ़ा दिया गया है.

PNG अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कंपनियां उपभोक्ताओं को LPG से PNG पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रमोशन और छूट दे रही हैं.