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'बाजार खोलो, लोकल करेंसी में बढ़ाओ व्यापार', पीयूष गोयल ने BRICS देशों के सामने रखा प्रस्ताव

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने BRICS देशों से आपसी कारोबार बढ़ाने के लिए बाजार खोलने, व्यापार नियम आसान करने और स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन को बढ़ावा देने की अपील की.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'बाजार खोलो, लोकल करेंसी में बढ़ाओ व्यापार', पीयूष गोयल ने BRICS देशों के सामने रखा प्रस्ताव
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली में हो रहे BRICS शिखर सम्मेलन के बीच कारोबारी सहयोग को लेकर भारत ने अहम सुझाव दिया है. BRICS बिजनेस फोरम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सदस्य और साझेदार देशों से एक-दूसरे के लिए बाजार खोलने, नियमों को सरल बनाने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने का आग्रह किया.

बाजार खोलने और नियम आसान करने की अपील

पीयूष गोयल ने BRICS सदस्य देशों और साझेदार देशों से कहा कि वे एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजारों में बेहतर पहुंच उपलब्ध कराएं. उनका कहना था कि नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाना और सामान की आवाजाही को सुगम करना जरूरी है. उन्होंने BRICS को उन भारतीय उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण बाजार बताया, जिन्हें भारत वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहता है. गोयल ने यह भी कहा कि कारोबार ऐसा होना चाहिए जिससे सभी सदस्य देशों के विकास और आर्थिक हितों को फायदा पहुंचे.

भारत के लिए इंजीनियरिंग और फार्मा अहम

गोयल ने कहा कि BRICS वैश्विक व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा है और भारत इसमें अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में शामिल हैं. इसके साथ ही भारत की पहचान दुनिया की बड़ी फार्मेसी के रूप में भी है. ऐसे में भारत चाहता है कि BRICS देशों के बीच व्यापार ज्यादा व्यापक हो और उसकी सप्लाई चेन मजबूत, संतुलित और विविध हो.

स्थानीय मुद्रा और पेमेंट सिस्टम पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कच्चे माल समेत विभिन्न उत्पादों के लिए बाजार खोलने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन केवल एक दिशा में नहीं, बल्कि दोनों तरफ चलनी चाहिए. गोयल ने BRICS देशों से अपने-अपने भुगतान प्रणालियों को जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ाने की दिशा में सहयोग करने का भी आग्रह किया. उनके मुताबिक, इससे सदस्य देशों के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं.

वैश्विक तनाव के बीच BRICS पर नजर

BRICS शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक और रणनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है. अमेरिका की ओर से BRICS को लेकर कई बार आपत्तियां और बयान सामने आ चुके हैं. डॉलर और टैरिफ से जुड़े दबाव के बीच इस समूह की बैठक को भी अहम माना जा रहा है. ऐसे में व्यापार, भुगतान व्यवस्था, सप्लाई चेन और आपसी आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर BRICS देशों के बीच आगे की रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है.